पूर्वी चंपारण के स्तूप परिसर में टहलते लोग। जागरण
संवाद सहयोगी, केसरिया (पूर्वी चंपारण) । Kesariya Stupa Garden : सैलानियों के लिए केसरिया बौद्ध स्तूप आकर्षण का केंद्र तो है ही, अब परिसर में विकसित हुआ रंग-बिरंगे फूलों वाला उद्यान भी उन्हें लुभा रहा है।
पर्यटकों के लिए यह नया आकर्षण बन गया है। यहां भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा खूबसूरत उद्यान विकसित किया जा रहा है। देश-विदेश से आने वाले पर्यटक इस मनोहारी स्थल पर कुछ समय बिता कर अपनी यात्रा को यादगार बना रहे हैं।
परिसर के खाली पड़े हिस्से को योजनाबद्ध तरीके से विकसित कर पार्क का रूप दिया जा रहा है। सुंदर पथ, सुसज्जित हरित पट्टी, रंग-बिरंगे फूलों की कतारें और शांत वातावरण इस स्थल को और अधिक आकर्षक बना रहे हैं।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने उत्खनन और संरक्षण के साथ-साथ स्तूप परिसर के सौंदर्य पर भी विशेष ध्यान दिया है। पहले चरण में खाली पड़े एक बड़े हिस्से को उद्यान के रूप में विकसित किया गया, जबकि अब इसके विस्तार की योजना पर भी काम चल रहा है।
ऐसे स्थानों की पहचान की जा रही है जहां पुरातात्विक दृष्टि से खोदाई की आवश्यकता नहीं है, ताकि वहां हरित क्षेत्र और पार्क विकसित किए जा सके। योजना के तहत चिन्हित गड्ढों और असमतल स्थानों को मिट्टी से भरकर समतल किया जा रहा है।
इसके बाद चरणबद्ध तरीके से विभिन्न प्रकार के सुगंधित और आकर्षक फूल लगाए जा रहे हैं। साथ ही पार्क में पैदल पथ का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिससे आने वाले पर्यटक आराम से टहल सकें और प्राकृतिक वातावरण का आनंद ले सकें।
परिसर में आने वाले लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से इस तरह के विकास की प्रतीक्षा कर रहे थे। अब पार्क बनने के बाद यहां बैठना, घूमना और समय बिताना बेहद सुखद हो गया है।
इस विकास कार्य से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। बाहर से आने वाले पर्यटकों की तस्वीर खींचने के लिए स्थानीय युवक कैमरा और आधुनिक उपकरणों के साथ सेवाएं दे रहे हैं।
वे तुरंत फोटो प्रिंट कर पर्यटकों को उपलब्ध कराते हैं, जिससे लोगों को यादगार तस्वीरें मिल जाती हैं और युवाओं को आय का साधन भी प्राप्त होता है। इसके अलावा आसपास छोटी-छोटी दुकानों पर जरूरत के सामान मिल जाते हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
यहां आम तौर पर श्रीलंका, थाईलैंड, म्यामार, कोरिया, जापान, मलेशिया, कंबोडिया, भूटान आदि देशों से पर्यटक आते हैं। वहीं, छुट्टियों और सप्ताहांत पर भी यहां लोगों की भीड़ देखने को मिलती है। प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक महत्व और आधुनिक सुविधाओं का संतुलित मेल इस स्थल को विशिष्ट बनाता है। |