अतिक्रमण हटाया गया।
संवाद सूत्र, जागरण, बरसाना। विश्वविख्यात लठामार होली की तैयारी तेज हो गई है। सोमवार को एसडीएम प्रजाक्ता त्रिपाठी के नेतृत्व में गोवर्धन ड्रेन, नया बस स्टैंड तथा बरसाना देहात क्षेत्र में सड़क व सार्वजनिक स्थानों से अतिक्रमण हटवाया। अस्थायी निर्माण व टिनशेड हटाए गए। इससे खलबली मच गई।
वहीं रंगीली होली के मद्देनजर बरसाना में सुरक्षा, सफाई, पेयजल व यातायात व्यवस्था को अंतिम रूप दिया गया। अभियान के दौरान सीओ गोवर्धन अनिल कुमार सिंह, अधिशाषी अधिकारी डॉक्टर कल्पना वाजपेयी, प्रभारी निरीक्षक अश्वनी कुमार, उपनिरीक्षक गौरव तोमर मौजूद रहे।
लठामार होली मेला को लेकर एसडीएम ने मांगे स्थानीय लोगों से सुझाव
बरसानाा! राधाकृष्ण के प्रेम अनुराग में रंगी लठामार रंगीली होली का आयोजन 25 फरवरी को होना है, जिसके लिए पुलिस प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां चल रही है। वहीं लठामार होली के दौरान स्थानीय लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए उपजिलाधिकारी गोवर्धन ने स्थानीय लोगों के साथ बैठक कर उनके सुझाव मांगे। वहीं उन्हें आश्वासन दिलाया कि कोई परेशानी नहीं होगी।
बैठक के दौरान एसडीएम बोली, नहीं होगी स्थानीय लोगों को कोई परेशानी
सोमवार को कस्बे के लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में उपजिलाधिकारी गोवर्धन प्राजक्ता त्रिपाठी और सीओ गोवर्धन अनिल कुमार सिंह ने स्थानीय लोगों और अन्य विभागों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस दौरान स्थानीय लोगों ने कई समस्याएं बताईं। एसडीएम ने कहा कि सुझावों पर विचार कर स्थानीय लोगों को सुविधा दी जाएगी।
मेले के लिए बनेगा कंट्रोल रूम बनेगा
सीओ ने कहा, कि मेले के दौरान आने वाली महिला श्रद्धालुओं के साथ किसी तरह की अभद्रता नहीं होने दी जाएगी। मेले का कंट्रोल रूम पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में बनाया जाएगा। बिजली विभाग, लोक निर्माण, सिंचाई, स्वास्थ्य और नगर पंचायत के प्रतिनिधियों के बात कर उनके कार्यों की प्रगति जानी। अधूरे कार्य समय से पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
व्यवस्थाओं के नाम पर होती है कस्बे की गलियां बंद
हर वर्ष लठामार होली के दौरान कस्बे की गलियों को पुलिस प्रशासन द्वारा बंद कर दिया जाता है। इसे लेकर चेयरमैन प्रतिनिधि पदम फौजी ने कहा कि लठामार होली के दौरान कस्बे की गलियों में बेरिकेडिंग करना गलत है, इससे स्थानीय लोग तो कैद होते है। किसी दिन कोई बड़ा हादसा हो सकता है। सेवायत किशोरी श्याम गोस्वामी ने कहा कि व्यवस्था के नाम पर पुलिस प्रशासन गलियों को बेरिकेडिंग लगाकर बंद कर देते हैं। |