प्रतीकात्मक चित्र
जागरण संवाददाता, बरेली। गेहूं की फसल तैयार होने में तो अभी समय लगेगा, लेकिन सरकार ने समर्थन मूल्य पर खरीद की तैयारी शुरू कर दी है। जिले में विभिन्न एजेंसियों के 107 क्रय केंद्र स्वीकृत हो चुके हैं। आगामी एक मार्च से इन्हें क्रियाशील करा दिया जाएगा। किसानों का पंजीकरण शुरू हो चुका है, लेकिन गति बहुत धीमी है। अभी तक महज 60 किसानों ने ही पंजीकरण कराया है।
प्रशासन की ओर से किसानों को सुझाव दिए गए हैं कि fcs.up.gov.in पंजीकरण करा लें, ताकि बिक्री के समय कोई दिक्कत न होने पाए।रबी विपणन सत्र 2026-27 के लिए गेहूं का समर्थन मूल्य पहले ही घोषित कर दिया है। पिछली साल 2,425 रुपये क्विंटल का भाव मिला था, इसमें 160 रुपये क्विंटल की वृद्धि की गई है।
इस बार 2,585 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद की जाएगी। पिछली साल विभिन्न क्रय एजेंसियों के 131 क्रय केंद्र खोले गए थे। लक्ष्य 90 हजार मीट्रिक टन खरीद का मिला था, लेकिन 29.58 लाख एमटी ही खरीद हो सकी थी। समर्थन मूल्य में वृद्धि हो जाने से इस बार खरीद ज्यादा होने की संभावना जताई जा रही है।
खरीद की तैयारी के क्रम में जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व संतोष कुमार सिंह को नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिया है। क्रय केंद्राें के लिए बोरों की डिमांड भेज दी गई है। बिचौलिया का दखल रोकने के लिए किसानों का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है, किसानों को जागरूक किया जा रहा है कि पहले से ही पंजीकरण करा लें।
जिले में इस बार अच्छी हुई धान खरीद
विगत वर्षों के मुकाबले जिले में इस बार धान खरीद की स्थिति अच्छी रही। 1.32 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य मिला था, जिसे समय से पहले पूरा कर लिया गया है। किसानों को समय पर भुगतान भी करा दिया गया। एफआरके की कमी से बीच में मंडी और क्रय केंद्रों से धान उठान पर असर पड़ा था, जिस पर आरएफसी ने एक एजेंसी की जमानत राशि भी जब्त की थी।
जिले में गेहूं खरीद की तैयारी शुरू कर दी गई है। विभिन्न एजेंसियों से प्रस्ताव लेकर 107 क्रय केंद्र स्वीकृत कर लिए गए हैं। क्रय केंद्र पर गेहूं की बिक्री के लिए पंजीकरण अनिवार्य है, इसलिए किसानों को पंजीकरण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
- केके पांडेय, डिप्टी आरएमओ
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