झारखंड मतदाता सूची पुनरीक्षण। (सांकेतिक फोटो)
राज्य ब्यूराे, रांची। राज्य में मतदाता सूची के होने वाले विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की पूर्व गतिविधियों के तहत 1.93 करोड़ मतदाताओं की पैरेंटल मैपिंग हो चुकी है।
राज्य के 2.65 करोड़ मतदाताओं में इतने मतदाताओं की वर्ष 2003 में हुए पिछले एसआईआर के बाद तैयार मतदाता सूची से पैरेंटल मैपिंग हो चुकी है। इस तरह, लगभग 72 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है।
इस क्रम में वर्तमान मतदाता सूची में 6.72 लाख मतदाताओं के नाम या फोटो में त्रुटि सामने आई है 5.44 लाख त्रुटियां फोटो से संबंधित हैं। फोटो या तो ब्लर है या सही नहीं है।
बीएलओ के माध्यम से इसे दुरुस्त किया जा रहा है। 1.28 लाख मामलों में मतदाताओं के नाम में त्रुटि है। एसआईआर की पूर्व गतिविधियों के तहत उन मतदाताओं की भी पहचान की जा रही है जो या मृत हो चुके हैं या कहीं और शिफ्ट हो गए हैं।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने उप निर्वाचन पदाधिकारियों तथा जिला निर्वाचन निबंधन पदाधिकारियों को निर्देश दिए हैं, कि कोई भी मतदाता का नाम मतदाता सूची से न छूटे तथा कोई अयोग्य का नाम मतदाता सूची में न जुटे। इसे हर हाल में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
दूसरे राज्यों से आए दस्तावेज का हो रहा सत्यापन
इधर, बंगाल सहित जिन राज्यों में एसआईआर का कार्य चल रहा है, वहां से बड़ी संख्या में मतदाताओं के दस्तावेज सत्यापन के लिए झारखंड आए हैं।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने उनका शीघ्र निष्पादन कर जानकारी संबंधित राज्य को देने का निर्देश उप निर्वाचन पदाधिकारियों को दिया है।
बताया जाता है कि अभी तक सबसे अधिक दस्तावेज बंगाल से आए हैं और इस राज्य के ही सबसे अधिक दस्तावेज गलत पाए गए हैं।
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