सांकेतिक तस्वीर।
संवाद सूत्र, जागरण, फरह (मथुरा)। पुलिस चौकसी को चकमा देकर ओल के हिस्ट्रीशीटर प्रधान ने आगरा की गैंग्स्टर कोर्ट में आत्म समर्पण कर दिया। गैर जमानती वारंट में सरेंडर करने वाले प्रधान को न्यायालय ने जेल भेज दिया।
हनी ट्रैप के आरोपित प्रधान ने मथुरा की न्यायालय में तलब करने के लिए अर्जी लगाई है। आगरा के थाना जगदीशपुरा के गांव अंगूठी के रहने वाले किसान जगदीश सिंह की जमीन रेल विकास निगम ने अधिकृत की थी।
इसके एवज में उनको करीब 3.15 करोड़ रुपये मुआवजा मिला। मुआवजे की जानकारी सपना उर्फ राजबाला और उसके सहयोगी श्याम जाट निवासी औरंगाबाद मथुरा को हो गई। दोनों ने उसे हनी ट्रैप में फंसाकर 12 लाख रुपये वसूल लिए।
दोनों ने षडयंत्र रचकर उसे 31 जनवरी को ओल बुलाया, जहां एक कमरे में उसे ग्राम पंचायत ओल का हिस्ट्रीशीटर प्रधान खूबी मिला। वह कमरे में ले गया और थोड़ी देर बाद खूबी प्रधान ओल चौकी प्रभारी कपिल कुमार और मुख्य आरक्षी चालक राकेश को लेकर कमरे पर आया।
पुलिसकर्मी उसे महिला से दुष्कर्म करने का आरोप लगाकर चौकी ले गए, वहां मुकदमा का भय दिखाकर एक लाख रुपये वसूल लिए, चार लाख रुपये देने के एवज में कार खड़ी करवा ली।
मामला एसएसपी श्लोक कुमार के संज्ञान में आया तो आरोपित चौकी प्रभारी कपिल कुमार, मुख्य आरक्षी चालक राकेश, हिस्ट्रीशीटर प्रधान खूबी राम, सपना उर्फ राजबाला के अलावा श्याम जाट पर मुकदमा दर्ज हो गया।
पुलिस इस मामले में सपना और श्याम जाट को जेल भेज चुकी है। हनी ट्रैप में फरार ग्राम पंचायत ओल का प्रधान आगरा की गैंग्स्टर कोर्ट में 11 फरवरी को सरेंडर करके जेल चला गया। पुलिस को इसकी भनक भी नहीं लगी।
अब प्रधान की ओर से मथुरा की न्यायालय में आगरा जेल से तलब करने को अर्जी लगाई है। फरह थाना प्रभारी छोटेलाल ने बताया कि पुलिस इस मामले में वैधानिक कार्रवाई कर रही है। |