मुख्तार के करीबी बॉबी (इनसेट में) की गोली मारकर कर दी गई थी हत्या।
निरंकार जायसवाल, बाराबंकी। कानून-व्यवस्था को तार-तार कर दिन दहाड़े सनसनीखेज शोएब हत्याकांड में पुलिस और एसटीएफ अभी दिशा विहीन हैं। हत्या किसने और क्यों की यह अभी भी पहेली है। हत्यारों का पता लगाने के लिए पुलिस तकनीकी साक्ष्य तलाशने के साथ बड़े सफेदपोश और माफिया से भी क्लू लेने का प्रयास कर रही है। वहीं वकीलों के अल्टीमेटम की समयावधि भी पूरी हो चुकी है, यह भी पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती हो सकती है। दिशा न मिलने पर पुलिस इस हत्याकांड का क्राइम सीन री-क्रिएशन भी करा सकती है।
कोतवाली नगर में लखनऊ-अयाेध्या हाईवे पर स्थित असैनी ओवर ब्रिज की सर्विस लेन पर 13 फरवरी की दोपहर करीब सवा एक बजे शोएब महमूद किदवाई उर्फ बाबी पर शार्प शूटरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर मौत के घाट उतार दिया था। पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी यह सनसनीखेज वारदात उस समय हुई थी, जब बाबी लखनऊ से कचहरी आ रहे थे। हत्या के बाद आक्रोशित वकीलों ने वारदात का राजफाश करने को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया, जो पूरा हो चुका है।
मुख्तार के करीबी हिस्ट्रीशीटर बाबी के शूटआउट के बाद यूपी एसटीएफ भी सक्रिय है, वहीं जिला स्तर से स्वाट, सर्विलांस सहित पांच पुलिस टीमें लगी हैं। सैकड़ों सीसी कैमरों के फुटेज, सर्विलांस की मदद और संदिग्ध वाहन व व्यक्तियों पर काम करने के बावजूद कोई भी सुराग नहीं मिला है, जिससे जांच को दिशा दी जा सके। दिशा विहीन खाली हाथ पुलिस इस हत्याकांड का क्राइम सीन री-क्रिएशन कर सकती है।
क्या है सीएसआर?
क्राइम सीन री-क्रिएशन (सीएसआर) एक फोरेंसिक प्रक्रिया है जिसमें पुलिस और विशेषज्ञ भौतिक और पारिस्थितकीय साक्ष्य के आधार पर अपराध के समय हुई घटना के क्रम को दोहराते हैं। जिसका उद्देश्य अपराध के तरीके को समझना व सुराग ढूंढना होता है। अभिनय के रूप में घटना स्थल पर कोई कार लाई जाएगी और जिन दिशाओं से गोली चली हैं उसको अंदाजन दोहराया जाएगा। यह प्रक्रिया जटिल मामलों को सुलझाने और पुलिस की जांच को सही दिशा देने में मदद करता है। इस तकनीक से हत्या, फायरिंग और गंभीर आपराधिक मामलों में सच्चाई का पता लगाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
पुलिस टीमें हर दिशा में काम कर रहीं हैं। बाबी के चालक सहित कुछ लोगों से पूछताछ की गई है। अगर कोई सुराग नहीं लगता है तो अनुमति लेकर क्राइम सीन री-क्रिएशन कराया जाएगा।- अर्पित विजयवर्गीय, पुलिस अधीक्षक, बाराबंकी
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