हिमाचल प्रदेश में चुनाव से पहले नई पंचायतें गठित होंगी। प्रतीकात्मक फोटो
यादवेन्द्र शर्मा, शिमला। सुप्रीम कोर्ट के 31 मई से पहले हिमाचल में चुनाव करवाने के आदेश के बाद सरगर्मियां तेज हो गई हैं। पहले चरण में पांच हजार से अधिक की जनसंख्या वाली सात पंचायतों में से चार को अधिसूचित कर दिया है। अब दूसरे चरण में 38 नई पंचायतों को बनाने की सरकार से मंजूरी मिल गई है।
कांगड़ा में सबसे ज्यादा 10 पंचायतें
इसमें कांगड़ा जिले में सबसे ज्यादा 10 पंचायतें बनाई जाएंगी। कुल्लू, लाहुल स्पीति व किन्नौर जिले में कोई भी पंचायत नहीं बनाई जा रही है। अब इस संबंध में आपत्तियां और सुझाव मांगे जाएंगे और उसके बाद अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी।
तीसरे चरण में नहीं होगा गठन
सरकार की तीसरे चरण के तहत भी नई पंचायतें बनाने की योजना थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश 31 मार्च से पहले पुनर्गठन और आरक्षण रोस्टर जारी करने के निर्देश के कारण प्रस्तावित पंचायतों पर अब आगे कार्रवाई नहीं हो सकेगी। अब चुनावी प्रक्रिया के चलते इसे फिलहाल टाल दिया गया है।
चार नई पंचायतें अधिसूचित
पहले चरण में चार नई पंचायतों की अंतिम अधिसूचना जारी होने के बाद प्रदेश में पंचायतों की संख्या 3577 से बढ़कर 3581 हो गई है। इसमें पांच हजार की जनसंख्या से अधिक वाली पंचायतों का विभाजन करने के बाद सोलन में तीन और ऊना में एक पंचायत बनी है।
न्यूनतम जनसंख्या का फार्मूला
दूसरे चरण में उन पंचायतों का विभाजन कर नई पंचायतों को बनाया जा रहा है जिनकी जनसंख्या 3000 से अधिक और 5000 से कम है। सरकार ने यह भी प्रविधान रखा है कि नई बनने वाली पंचायत और मूल पंचायत दोनों में न्यूनतम 1500-1500 की जनसंख्या बनी रहे।
किस जिले में कितनी पंचायतें
कांगड़ा में 10, ऊना में छह, हमीरपुर व मंडी में चार-चार, बिलासपुर, चंबा, सोलन व शिमला में तीन-तीन और सिरमौर में दो पंचायतें बनेंगी।
क्या कहते हैं मंत्री
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार पंचायतों के पुनर्गठन की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। नई पंचायतों को बनाने की प्रक्रिया को पूरा करने के बाद जल्द आरक्षण रोस्टर जारी किया जाएगा। ताकि आदेशों के अनुसार समय पर चुनाव करवाए जा सकें।
-अनिरुद्ध सिंह, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री।
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