फरीदाबाद में पिछले साल सड़क हादसों में सर्वाधिक जानें गई।
हरेंद्र नागर, फरीदाबाद। जिले में साल 2024 के मुकाबले साल 2025 में सड़क हादसों की संख्या में कमी आई है, मगर मौत के आंकड़े बढ़ गए हैं। इसका सीधा मतलब यही है कि साल 2025 में जानलेवा हादसों की संख्या बढ़ गई। परिवहन विभाग के अनुसार प्रदेश में गुरुग्राम के बाद फरीदाबाद में ही सबसे अधिक छोटे-बड़े वाहन हैं।
यहां स्थित करीब 16 लाख वाहनों के सुगम आवागमन के लिए 50 से अधिक प्रमुख मार्ग हैं। औद्योगिक नगरी होने के चलते शहर के अधिकांश सड़कों पर कामकाजी दिन में वाहनों का दबाव रहता है। गंतव्य तक जल्दी पहुंचने की आपाधापी और तेज रफ्तार के चलते शहर में अधिक हादसे हो रहे हैं।
बीते दो साल में 516 लोगों की सड़क पर हुईं मौत
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार फरीदाबाद मे वर्ष-2024 में 629 सड़क हादसे हुए। इसमें करीब 251 लोगों की मौत हो गई। वहीं वर्ष 2025 में हुए 606 सड़क हादसे में 265 लोगों की मौत हुईं। ऐसे में बीते दो साल में सड़क हादसे में करीब 516 लोगों की जान गई। जो वर्ष 2024 के मुकाबले वर्ष 2025 मे 5.58 फीसदी अधिक है।
राष्ट्रीय राजमार्ग के बजाय अंदरूनी सड़कों पर अधिक हो रहे हादसे
फरीदाबाद से दो एक्सप्रेसवे, एक हाईवे और दो स्टेट हाईवे गुजरते हैं। यातायात पुलिस ने इन राष्ट्रीय राजमार्ग आदि पर 12 से अधिक ब्लैक स्पाट चिन्हित किए हैं। वहां हादसों को रोकने के सुधार किया जा रहा है। लेकिन शहर के अंदरूनी सड़कों पर सड़क सुरक्षा में कमी हादसे को बढ़ा रही है।
सड़क सुरक्षा से जुड़े जानकारों का कहना अंदरूनी सड़कों पर वाहन चालक ज्यादा लापरवाही बरतते हैं। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग के मुकाबले अंदरूनी सड़कों पर अधिक हादसे हो रहे हैं। सूत्र के अनुसार वर्ष-2025 में अंदरूनी सड़कों पर हुए हादसे में 150 से अधिक लोगों की मौत हुईं।
इन सड़कों पर बरती जा रही अधिक लापरवाही
सड़क सुरक्षा से जुड़े जानकारों की मानें तो आगरा नहर मार्ग, पल्ला-बसंतपुर मार्ग, जैतपुर-इस्माइलपुर मार्ग-ग्रेटर फरीदाबाद मास्टर रोड, नीलम-बाटा रोड, रेलवे रोड,बाटा- हार्डवेयर मार्ग, जवाहर कालोनी गुरुद्वारा मार्ग, पाली-सोहना आदि अधिकांश मार्ग पर वाहन चालक यातायात नियमों का उल्लंघन करते नजर आते हैं।
सड़क सुरक्षा को लेकर तेजी से काम किया जा रहा है। शहर में बीते कुछ साल से सड़क हादसे में कमी आ रही है। आमजन को सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूक किया जा रहा है। - यशपाल, प्रवक्ता, फरीदाबाद पुलिस
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