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मास्टर प्लान 2031: कानपुर के गांवों को KDA आधुनिक शहर में बदलेगा, जानें योजना के तहत क्या-क्या मिलेंगी सुविधाएं

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जागरण संवाददाता, कानपुर। मास्टर प्लान 2031 की सैद्धांतिक सहमति मिलने के बाद केडीए के गांवों का अब अधुनिकरण होगा। केडीए की सीमा में पहले आए 386 गांवों का मास्टर प्लान तैयार हो चुका है। इसके अलावा पिछले साल 80 नए शामिल हुए गांवों का भी मास्टर प्लान तैयार जा रहा है। बढ़ती आबादी और आवास की डिमांड को देखते हुए पहले चरण में केडीए शहर से लगे गांवों को विकसित करेगा।

पांच हजार एकड में ग्रेटर नोएडा, तीन सौ एकड़ में एयरो सिटी और करीब साढ़े आठ सौ एकड़ में चार औद्योगिक क्षेत्र लाने की तैयारी है। इसको लेकर मास्टर प्लान में ध्यान रखा गया है कि विकसित होने वाली योजनाओं में आने वाली जमीनों को कृषि से आवासीय और औद्योगिक में परिवर्तन किया गया है।


प्राधिकरण मास्टर प्लान के साथ ही जोनल प्लान बना रहा है ताकि एक-एक गांव व इलाके की जमीन के बारे में साफ हो जाए कि कौन सी जमीन आवासीय, कृषि, व्यावसायिक और औद्योगिक है। उसके आधार पर योजनाओं को लाया जाएगा। ग्रेटर कानपुर बसाने की कवायद शुरू हो गयी है। इसका खाका तैयार करने के लिए कंपनी तय होनी है। टेंडर पड़ चुके है। तीन कंपनी ने फार्म डाले है। इनकी तकनीकी और आर्थिक बिड की जांच हो रही है। उसके बाद कंपनी फाइनल होगी।

इसको लेकर टीम आउटर रिंग रोड के दोनों तरफ स्थित गांवों का मंथन किया जा रहा है। इसमें पहले चरण में देखा जा रहा है कि ग्राम समाज की जगह कहां पर है। कितनी जगह है। इसके आधार पर आसपास की जगहों को चिह्नित किया जा रहा है। विकसित होने वाली आवासीय योजनाओं में जनसुविधाओं पर भी जोर दिया जा रहा है। कूड़ाघर, पुलिस स्टेशन, अस्पताल, कन्वेंशन सेंटर, स्टेडियम, स्कूल कालेज समेत कई व्यवस्थाओं के लिए जगह रखी जाएगी।

गंगा में दूषित पानी जाने से रोकने के लिए एसटीपी का भी निर्माण कराया जाएगा। अभी केडीए पीपीपी माडल से उचटी में पांच सौ बीघा में अटल योजना लाने की तैयारी कर रहा है। साथ ही पश्चिम क्षेत्र में शामिल गांवों में ग्राम समाज की जमीन कोदेखा जा रहा है। कि कितनी जमीन है और योजना के लिए कितनी जमीन अधिग्रहणकी जा सकती है।

इस बार केडीए योजना लाने से पहले फूंक-फूंक कर रखेगा कदम


केडीए ने वर्ष 2013 से 2016 के बीच में बिना डिमांड सर्वे के शहर में 15 हजार फ्लैट बना डाले।इसमें अभी तक आठ हजार ही फ्लैट बिक पाए है। बाकी फ्लैट बेचने की कवायद चल रही है। फ्लैट बेचने के लिए ईडब्ल्यूएस के फ्लैट में 20 प्रतिशत और अन्य फ्लैट में 25 प्रतिशत मुश्त रकम देने पर कब्जा मिल जाएगा। करीब 16 अरब रुपये फंसे है। इस बार केडीए योजना लाने से पहले डिमांड सर्वे कराएगा तब योजना लांच करेगा।



मास्टर प्लान 2031 के तहत आवासीय योजनाओं को लाया जाएगा। साथ ही योजना लाने से पहले डिमांड सर्वे कराया जाएगा उसके आधार पर योजना लायी जाएगी।
मनोज कुमार, मुख्य नगर नियोजक अधिकारी  
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