सेक्टर-150 में बेसमेंट के लिए खोदे गए गड्ढे में डूबकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की जान गई थी। (फाइल फोटो)
जागरण संवाददता, नोएडा। सेक्टर-150 में मॉल के बेसमेंट के लिए खोदे गए गड्ढे में डूबकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत होने के बाद नोएडा प्राधिकरण के दो विभाग एनटीसी (नोएडा ट्रैफिक सेल) और जनस्वास्थ्य विभाग को भंग कर दिया है।
शासन स्तर से गठित एसआईटी की जांच के बाद रिपोर्ट अभी तक लंबित है। प्राधिकरण के सिविल और जनस्वास्थ्य विभाग के दो अधिकारियों को अन्य जगहों पर ट्रांसफर कर दिया गया है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण एसआईटी की रिपोर्ट अभी तक लंबित है।
सभी विभागों पर लापरवाही के आरोप
लापरवाही और बचाव में देरी से एक माह पूर्व युवराज मेहता की मौत हुई थी। मामले ने तूल पकड़ा। इसमें सभी विभागों पर लापरवाही के आरोप लगे। मुख्यमंत्री ने घटना का संज्ञान लिया और सीईओ को तत्काल कार्रवाई कर हटा दिया। एसीईओ कृष्णा करुणेश को सीईओ की जिम्मेदारी मिली।
मुख्यमंत्री ने एडीजी मेरठ जोन जोन भानु भास्कर की अध्यक्षता की जांच के लिए चार सदस्यीय एसआईटी गठित की। एसआईटी ने पांच दिन जांच के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी। शासन स्तर से इस रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई और असल लापरवाही का उजागर होना लंबित है। नए सीईओ ने घटना के बाद सबसे पहले एनटीसी और जनस्वास्थ्य विभाग को भंग कर सभी जिम्मेदारियों वर्क सर्किल अधिकारियों को दे दी हैं।
मौत के बाद हुआ था सुधार कार्य
युवरात की मौत लापरवाही से हुई थी। शिकायतों का प्राधिकरण ने समय से संज्ञान नहीं लिया। घटना के बाद यहां बैरिकेडिंग की गई। स्ट्रीट लाइटें और अन्य सुधार कार्य मौके पर कराए गए।
बदल दिए गए वर्क सर्किल प्रभारी
नोएडा प्राधिकरण के 10 वर्क सर्किल हैं। युवराज की मौत के बाद लगभग सभी वर्क सर्किल प्रभारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव कर दिया गया। सीईओ ने शहर में इस तरह के खुले नाले और गड्ढों की समीक्षा बैठक की। वर्क सर्किल अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी। इनमें सुधार कार्य शुरू कर दिए गए।
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