एयरपोर्ट के निकट स्थित मयूर वन चेतना केंद्र। जागरण
कमलेश शर्मा, बरेली। जिले में प्राकृतिक और धार्मिक स्थलों को पिकनिक स्पाट के रूप में विकसित कराया जा रहा है, लेकिन शहर के पास विकसित एक अच्छा पिकनिक स्पाट जमींदोज होने जा रहा है। हम बात कर रहे हैं मयूर वन चेतना केंद्र की जो एयरपोर्ट विस्तारीकरण की भेंट चढ़ने जा रहा है। आसपास तो कोई ऐसा विकल्प नहीं बनता दिख रहा है, लेकिन सीबीगंज में विकसित किए जा रहे नगर वन से इसकी भरपाई करने के प्रयास जरूर शुरू दिए गए हैं। दस करोड़ रुपये की डीपीआर स्वीकृति के लिए शासन को भेजी जा चुकी है।
यात्रियों की सुविधा के लिए हवाई यात्रा का विकल्प बढ़ाया जा रहा है। वर्तमान में सिविल इन्कलेव बरेली एयरपोर्ट से मुंबई और बेंगलुरु के लिए ही एक-एक फ्लाइट उड़ान भर रही है। दिल्ली और जयपुर के लिए भी हवाई सेवा आरंभ तो हुई थी, लेकिन कुछ ही दिनों बाद बंद हो गई थी। दोबारा आरंभ कराने के प्रयास चल रहे हैं। बरेली से कुशीनगर तक सीधी उड़ान की मंजूरी भी मिल चुकी है।
उड़ानों की संख्या बढ़ाने के लिए एयरपोर्ट का 28.5 एकड़ में विस्तारीकरण कराया जा रहा है। मुड़िया अहमदनगर व चावर गांव के 141 किसानों की जमीन क्रय करने की प्रक्रिया चल रही है। मुआवजा वितरण के लिए 53,85,88,426 रुपये का निर्धारण हो चुका है। इसकी जद में वन विभाग की ओर से स्थानीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित कराया गया मयूर वन चेतना केंद्र भी आ गया है।
पिकनिक स्पाट के रूप में विकसित यह केंद्र एक हेक्टेयर में है, जिसमें पीपल, आम, जामुन, नीम, शीशम, सागौन के पुराने पेड़ हैं। बसपा सरकार में पीलीभीत बाइपास रोड पर मयूर वन चेतना केंद्र बनाया गया था। उस वक्त शहर में यह प्रमुख पार्क था। इसमें लोगों के लिए तमाम सुविधाएं थी। धीरे-धीरे पार्क बदहाल होता गया। बाद में एयरपोर्ट भी बन गया है।
एयरपोर्ट के पास का पार्क होने के कारण अब इसके सुंदरीकरण व जीर्णोद्धार की पहल शुरू की गई है। वन राज्य मंत्री डा. अरुण कुमार की पहल पर वन विभाग के अधिकारियों ने इस केंद्र का जीर्णोद्धार व सुंदरीकरण कराया था। हरियाली बढ़ाने के लिए विविध प्रजातियों के पौधे लगाए गए थे।
मंत्री की पहल पर बरेली विकास प्राधिकरण ने 2022 में 1.64 करोड़ से कराया था चाहरदीवारी का निर्माण कराया था, जिसका मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकार्पण किया था। अब इस केंद्र को ध्वस्त कराने और पेड़ों को कटवाने के लिए मूल्यांकन कराया जा रहा है। अब यहां आसपास तो इस तरह का कोई पिकनिक स्पाट विकसित हो पाने के आसार नहीं दिख रहे हैं।
लेकिन सीबीगंज में नगर वन विकसित कराकर शहर के लोगों को एक अच्छा प्राकृतिक पिकनिक स्पाट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है। इसके लिए दस करोड़ रुपये की कार्ययोजना स्वीकृति के लिए शासन को भेजी जा चुकी है। वन मंत्री खुद पैरवी कर रहे हैं, इसलिए इसी वित्तीय वर्ष में स्वीकृत हो जाने की संभावना जताई जा रही है।
एयरपोर्ट विस्तारीकरण की जद में मयूर वन चेतना केंद्र आ चुका है। सरकारी जमीन है, विकास के लिए प्रयुक्त करने की शासन स्तर से स्वीकृति मिल चुकी है। मयूर वन चेतना केंद्र का मूल्यांकन कराया जा रहा है। नए पर्यटन स्थल के रूप में नगर वन विकसित कराने की प्रक्रिया चल रही है। दस करोड़ रुपये की डीपीआर स्वीकृति के लिए शासन को भेजी जा चुकी है।
- दीक्षा भंडारी, प्रभागीय वनाधिकारी
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