महाशिवरात्रि पर्व को लेकर मंदिरों और आध्यात्मिक संस्थानों में तैयारियां पूरी।
संवाद सहयोगी, बादशाहपुर। महाशिवरात्रि के पावन पर्व को लेकर शहर के मंदिरों और आध्यात्मिक संस्थानों में तैयारियां पूरे उत्साह के साथ चल रही हैं। इस बार महाशिवरात्रि पर चार ग्रहों का विशेष योग बन रहा है। इस पर्व को भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह का प्रतीक माना जाता है। श्रद्धालुओं में इस अद्भुत संयोग को लेकर खास उत्साह देखने को मिल रहा है।
ब्रह्माकुमारीज आध्यत्मिक संस्थान रविवार को शिव स्तुति संध्या का आयोजन सेक्टर 17ए स्थित ब्लिस प्रीमियर (सुखराली एनक्लेव) में सायं 4 बजे से 7 बजे तक कर रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य भक्तों को शिवरात्रि के आध्यात्मिक रहस्यों से अवगत कराना और शिवमय वातावरण में भक्ति संगीत के माध्यम से ईश्वर के स्वरूप का अनुभव कराना है।
इस आयोजन में ओम शांति रिट्रीट सेंटर के बीके चांद बजाज सहित अन्य कलाकारों द्वारा परमात्मा शिव के गुणों, कर्तव्यों और महिमा पर आधारित भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी। शिवलिंग वास्तव में शिव के ज्योति स्वरूप का प्रतीक है। सभी धर्मों में परमात्मा को प्रकाश या ज्योति के रूप में ही स्वीकार किया गया है। जो विश्व में एकता और एक परम सत्ता के संदेश को दर्शाता है।
मेहंदी और हल्दी से शुरू हुआ उत्सव का धार्मिक रंग
महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में सेक्टर-5 स्थित श्री राम मंदिर में भी धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आरंभ हो चुकी है। मंदिर परिसर में पारंपरिक हल्दी समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मेहंदी और हल्दी के इन कार्यक्रमों ने पूरे वातावरण को विवाहोत्सव जैसी आध्यात्मिक खुशी से भर दिया।
मंदिर के प्रधान कश्मीरी लाल अरोड़ा ने बताया कि रविवार को शाम चार बजे भगवान भोलेनाथ की भव्य बारात निकाली जाएगी। यह बारात मकान नंबर 903, सेक्टर-5 से बाजे-गाजे और श्रद्धालुओं के जयघोष के साथ प्रारंभ होगी।
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