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माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश, प्रयागराज की फाइल फोटो।
राज्य ब्यूरो, जागरण, प्रयागराज। पत्राचार शिक्षा संस्थान के कुशीनगर के पंजीकरण केंद्र द्वारा विद्यार्थियों के शुल्क समय से न जमा करने, आवेदन पत्र की मूल प्रति के बजाय फोटो कापी जमा करने तथा कुछ और गड़बड़ियों के कारण यूपी बोर्ड की परीक्षा समिति ने 700 अभ्यर्थियों के पंजीकरण रद कर दिए। यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय गोरखपुर के अपर सचिव को भेजे पत्र में संबंधित परीक्षार्थियों के आवेदन पत्रों को निरस्त कर उन्हें आवंटित अनुक्रमांकों को फ्रीज/विलोपित किए जाने के निर्देश दिए हैं। यह गड़बड़ी पत्राचार पंजीकरण केंद्र संख्या 901 (गोस्वामी तुलसीदास इंटर कालेज पडरौना, कुशीनगर) पर हुई है।
प्रदेश में पत्राचार शिक्षा संस्थान के 396 पंजीकरण केंद्र
मामले में पत्राचार शिक्षा संस्थान उत्तर प्रदेश, प्रयागराज के अपर निदेशक सीएल चौरसिया ने कुशीनगर के जिला विद्यालय निरीक्षक को दोष निर्धारित करते हुए आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश भर में पत्राचार शिक्षा संस्थान के 396 पंजीकरण केंद्र हैं। इनमें इंटरमीडिएट के करीब 11,000 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं।
साक्ष्यों के परीक्षण में कई गड़बड़ियां मिलीं
कुशीनगर के इस केंद्र पर करीब 700 पंजीकरण को देखकर साक्ष्यों का परीक्षण किया गया गया तो कई गड़बड़ियां मिलीं। यूपी बोर्ड की परीक्षा समिति ने माना है कि आवेदन पत्रों के कालमों में आवश्यक विवरण अंकित नहीं थे। शुल्क निर्धारित तिथि तक जमा नहीं किया गया था। आवेदन पत्रों के साथ एक वर्षीय अथवा दो वर्षीय पाठ्यक्रम के लिए निर्धारित अर्हता प्रमाणपत्र संलग्न नहीं किया गया था।
नोडल अधिकारी का हस्ताक्षर नहीं था
नोडल अधिकारी के हस्ताक्षर के स्थान पर प्रधान लिपिक ने हस्ताक्षर किए थे। पत्राचार अनुसरण प्रमाणपत्रों की अनुमति भी पत्राचार शिक्षा संस्थान से नहीं ली गई थी। अनुसरण प्रमाणपत्रों के क्रमांकों को बिना अनुमति के अवैध रूप से प्रयुक्त किया गया।
विद्यार्थी पत्राचार शिक्षा संस्थान में पंजीकृत नहीं थे
मामले में क्षेत्रीय कार्यालय गोरखपुर के अपर सचिव की आख्या, उसके साथ संलग्न पत्राचार शिक्षा संस्थान द्वारा 24 दिसंबर, 30 दिसंबर 2025, 23 जनवरी, 27 जनवरी 2026 को जारी पत्र तथा डीआईओएस कुशीनगर के 13 जनवरी 2026 के पत्र से स्पष्ट है कि संबंधित विद्यार्थी पत्राचार शिक्षा संस्थान में पंजीकृत नहीं थे।
इनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही का निर्णय
इस कारण यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 के लिए फार्म भरे जाने की अंतिम तिथि 27 सितंबर 2025 को ये विद्यार्थी परीक्षा फार्म भरने के लिए अर्ह नहीं थे। प्रकरण में केंद्र के नोडल अधिकारी/पं. दीन दयाल उपाध्याय राजकीय इंटर कालेज बिंदवलिया कुशीनगर के प्रधानाचार्य विकास मणि त्रिपाठी तथा गोस्वामी तुलसीदास इंटर कालेज पडरौना के प्रधान लिपिक ज्ञान प्रकाश पाठक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही किए जाने का निर्णय लिया गया है। |
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