सोनभद्र की विनीता ने दूध व्यवसाय से कमाए 65 लाख, बनीं पूर्वांचल की लखपति दीदी।
मुकेश चंद्र श्रीवास्तव, सोनभद्र। आज महिलाएं हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। उद्योग क्षेत्र में भी वे अपने आपको स्थापित कर आर्थिक स्थिति को बेहतर बना रही हैं। इसमें से एक हैं प्रदेश के सबसे पिछले जिले सोनभद्र जिले के तरावा ग्राम पंचायत के प्रसिद्धी गांव विनीता। विनीता आज अपनी मेहनत व जुनून की बदौलत पूर्वांचल की पांच प्रमुख लखपति दीदियों में शामिल हैं।
काशी मिल्क प्रोड्यूसर संस्था से जुड़कर दूध के व्यवसाय से वह 65 लाख आय अर्जित कर चुकी हैं। इस संस्था का गठन 11 नवंबर 2021 को वाराणसी को किया गया, इसमें मार्च 2022 से दुग्ध संग्रहण व अन्य कार्य शुरू गया। आज इस संस्था पूर्वांचल 5043 महिलाएं जुड़ चुकी हैं, जिसमें से 10429 लखपति दीदी बन गई हैं। पूर्वांचल के सात जनपदों सोनभद्र, वाराणसी, चंदौली, मीरजापुर, बलिया एवं भदोही में प्रतिदिन लगभग दो लाख लीटर से अधिक दुग्ध संस्था को संग्रहण कर रही हैं। इससे उनकी आय तेजी से बढ़ रही है।
विनीता एक साधारण लेकिन साहसी महिला हैं। वह संयुक्त परिवार में रहती हैं, जिसमें 14 सदस्य हैं। संस्था के साथ जुड़ने से पहले की परिस्थितियों के बारे में विनीता बताती हैं कि पहले उनके पास 10-12 पशु थे और वे निजी डेयरियों पर निर्भर थीं। दिन रात अथक मेहनत, गायों की देखभाल अपने बच्चों के तरह करने और उच्च गुणवत्ता वाले दूध पैदा करने के बाद भी उचित चैनलों, बुनियादी ढांचे एवं संसाधनों की कमी के कारण उन्होंने खुद को गरीबी और निराशा के चक्र में फंसा हुआ पाया। उत्पादन का उचित मूल्य पाने में असमर्थ रही।
परिवार अपनी आर्थिक एवं अन्य जरूरतों के लिए घर की एक मात्र कमाई, पशुपालन पर ही आश्रित थी। हालांकि प्राइवेट डेयरी से समय पर एवं उचित मूल्य ना मिलने के कारण, आय इतनी न्यूनतम की घर खर्च चलाना मुश्किल था। परिवार के लिए अच्छा भोजन, कपड़े, और बच्चों के लिए अच्छी शिक्षा यह सब एक सपने जैसा था। अब उनकी अपनी गायों की देखभाल और अच्छी गुणवत्ता वाले दूध के लिए दिन रात की मेहनत सफल हुई हैं। आज उनके पास 40 से अधिक गायें हैं, जिनकी देखभाल वे स्वयं अपने परिवार के साथ करती हैं।
उनकी मेहनत, समर्पण और काशी के साथ की बदौलत विनीता ने मात्र दो वर्षों में काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी के साथ दूध के व्यवसाय से 65 लाख का आय अर्जित किया है। यह सोनभद्र जनपद की पहली एवं काशी की पहली पांच लखपति दीदियों में से एक बन चुकी हैं। विनीता की यह कहानी हर उस महिला के लिए प्रेरणा है, जो अपनी पहचान बनाना चाहती है, अपने सपनों को साकार करना चाहती है और अपने परिवार के साथ-साथ समाज को भी आगे ले जाना चाहती है।
जनपद कुल सदस्य लखपति दीदी दूध उत्पादन
मीरजापुर 9406 2391 48256
गाजीपुर 8814 1771 29306
चंदौली 8493 2150 29659
सोनभद्र 8111 2055 46632
बलिया 7512 1628 36323
भदोही 2232 334 16487
वाराणसी 475 100 4532
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नोट: दूध उत्पादन औसत लीटर प्रतिदिन
पूर्वी उत्तर प्रदेश में डेयरी मूल्य शृंखला विकास परियोजना में एक महत्वपूर्ण संस्था बन गई है, जिससे राष्ट्रीय ग्रामीण आर्थिक रूपांतरण परियोजना (एनआरईटीपी) के तहत स्वीकृति है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) एवं उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) से वित्तीय सहयोग तथा एनडीडीबी डेयरी सर्विसेज (एडीएस) से तकनीकी सहयोग से संचालित हो रही है। इसका मूल उद्देश्य महिला दुग्ध उत्पादकों के हितों की रक्षा करते हुए पारदर्शी दुग्ध संग्रहण प्रणाली, समयबद्ध भुगतान, क्षमता निर्माण तथा समग्र पशुधन सहायता सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके अंतर्गत हरे चारे की उपलब्धता, कृत्रिम गर्भाधान, गुणवत्तायुक्त पशु आहार, तकनीकी परामर्श एवं पशुपालन आधारित प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं, जिससे महिलाओं की उत्पादकता, आय और आत्मविश्वास, तीनों में गुणात्मक वृद्धि हो रही है। वर्तमान में संस्था के माध्यम से पूर्वांचल के 1000 ग्रामों से लगभग 50 हजार महिलाएं जुड़ी हैं। -
मुकेश बेरीवाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, काशी दुग्ध उत्पादक कंपनी |
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