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पूर्णिया सांसद पप्पू यादव शुक्रवार शाम बेऊर जेल से बाहर आए
डिजिटल डेस्क, पटना। सात दिनों की न्यायिक हिरासत के बाद पूर्णिया सांसद पप्पू यादव शुक्रवार शाम बेऊर जेल से बाहर आए तो राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई। जेल गेट से निकलते ही उन्होंने सीधे फुलवारीशरीफ का रुख किया। यहां कोचिंग सेंटर की छत से गिरकर जान गंवाने वाली छात्रा पिंकी कुमारी के परिजनों से मुलाकात की। परिवार को सांत्वना देते हुए उन्होंने न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। छात्रा के परिजनों ने आरोप लगाया कि बेटी को पहले मारा गया, फिर नीचे फेंका गया। मुलाकात के दौरान भावनात्मक माहौल बना रहा।
‘बेटी के न्याय के लिए कुछ भी करूंगा’
पप्पू यादव ने कहा कि इस मामले में स्पीडी ट्रायल होना चाहिए। उन्होंने परिवार की आर्थिक और सामाजिक जिम्मेदारी उठाने की बात कही। कहा कि दिल्ली जाकर सबसे पहले लोकसभा स्पीकर और संबंधित अधिकारियों से मिलेंगे। डॉक्टरों और कानूनी विशेषज्ञों से राय लेकर आगे की रणनीति तय करेंगे। उन्होंने दावा किया कि NEET छात्रा के साथ अन्याय हुआ है और वे यह लड़ाई रुकने नहीं देंगे। साथ ही समर्थकों का आभार जताया जिन्होंने मुश्किल समय में साथ दिया।
‘मुझे मरवाने की साजिश हुई’
जेल से बाहर आते ही पप्पू यादव ने बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सच बोलने की सजा उन्हें दी गई है। तीन नेताओं-एक दिल्ली, एक बिहार और एक पूर्णिया के-पर साजिश का आरोप लगाया। कहा कि सरकार में बैठे कुछ लोगों ने बदमाशी की है।
उन्होंने दावा किया कि उन्हें खतरनाक अपराधी की तरह पेश किया गया। सवाल उठाया कि सक्रिय सार्वजनिक जीवन के बावजूद उन्हें फरार क्यों बताया गया।
खेमका और रूपेश केस पर फिर गरजे
पप्पू यादव ने खेमका हत्याकांड में हुए एनकाउंटर को फर्जी बताया। उन्होंने कहा कि गलत व्यक्ति को 4 बजे निकालकर गोली मारी गई। दावा किया कि उनके पास गवाही है और वे हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे।
साथ ही रूपेश हत्याकांड को दोबारा खुलवाने की बात कही। कहा कि उन्हें सभी शामिल लोगों की जानकारी है। एक-एक कर सबको बेनकाब करने का ऐलान किया।
सुरक्षा की मांग और समर्थकों का स्वागत
अपने आगामी कार्यक्रमों के लिए पप्पू यादव ने जिला प्रशासन से Y+ श्रेणी की सुरक्षा मांगी है। उन्होंने पुलिस एस्कॉर्ट और रात्रि विश्राम स्थलों पर हाउस गार्ड की भी मांग की। शनिवार को पटना में पीड़ित परिवारों से मिलने और दिल्ली में चौपाल लगाने का कार्यक्रम है।
रात में वे पटना के मंदिरी स्थित आवास पहुंचे। जहां समर्थकों ने बैंड-बाजे के साथ उनका स्वागत किया। जेल से रिहाई को समर्थकों ने ‘संघर्ष की जीत’ बताया।
पुराने केस और कानूनी पेच
- 6 फरवरी को पुलिस ने 31 साल पुराने मामले में उन्हें गिरफ्तार किया था।
- जमानत मिलने के बाद दो अन्य मामलों को जोड़कर फिर जेल भेजा गया।
- दोनों केस कोतवाली थाना क्षेत्र से जुड़े हैं, एक 2017 और दूसरा 2019 का।
- बुद्धा कॉलोनी थाने में सरकारी काम में बाधा का मामला भी दर्ज है।
- पप्पू यादव ने सवाल किया कि पुराने केस 2026 में ही क्यों याद आए।
- उनका कहना है कि बेटियों और युवाओं की आवाज उठाने की वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
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