प्रतीकात्मक फोटो
जागरण संवाददाता, शामली। विदेश में नौकरी और अच्छे वेतन का सपना दिखाकर युवाओं को ठगने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस के राजफाश किया है। आरोपितों ने यूरोप के क्रोएशिया भेजने का झांसा देकर तीन युवकों को मलेशिया के जंगलों में छोड़ दिया। आरोपितों ने वर्क वीजा और अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के नाम पर उनसे 26 लाख रुपये की रकम वसूल की थी। किसी तरह लौटे पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने दो सगे भाइयों समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
कोतवाली क्षेत्र के आजाद चौक निवासी हमजा पुत्र शमीम ने एसपी एनपी सिंह को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि कांधला के गांव सुन्ना निवासी दो सगे भाइयों नावेज और सावेज पुत्रगण मेहंदी हसन ने उन्हें झांसे में लिया था। आरोपितों ने दावा किया था कि यूरोप के देश क्रोएशिया में उनके पास वर्क वीजा पर शानदार नौकरियां उपलब्ध हैं, जहां मोटी सैलरी मिलेगी। विश्वास दिलाने के लिए आरोपितों ने शामली सिटी मार्केट निवासी अपने तीसरे साथी रवि सिंह तोमर से भी मुलाकात कराई।
उनकी बातों में आकर हमजा और उसके साथियों ने विदेश जाने के लिए हामी भर दी। आरोपितों ने वीजा और टिकट के नाम पर हमजा समेत अन्य लोगों से 26 लाख रुपये हड़प लिए, जिसमें से अकेले हमजा ने साढ़े सात लाख रुपये दिए थे। ठगी का सिलसिला यहीं नहीं रुका। आरोपितों ने उन्हें फर्जी हवाई टिकट थमा दिए।
हमजा का आरोप है कि कुछ साथियों को तो एयरपोर्ट से ही फर्जी टिकट के कारण वापस भेज दिया गया, लेकिन हमजा समेत तीन युवकों को अक्टूबर 2025 में क्रोएशिया के बजाय मलेशिया ले जाकर छोड़ दिया गया। मलेशिया में खुद को फंसा हुआ देख युवकों के होश उड़ गए। वहां से उन्होंने किसी तरह भारत में अपने स्वजन से संपर्क कर आपबीती सुनाई।
आखिरकार 20 दिसंबर 2025 को स्वजन ने अपने खर्च पर हवाई टिकट करवाकर तीनों को भारत वापस बुलाया। हमजा के अनुसार, नावेज, सावेज, रवि सिंह तोमर और उनके साथ एक महिला मिलकर एक संगठित गिरोह चलाते हैं, जो भोले-भाले लोगों को विदेश में नौकरी दिलाने का लालच देकर ठगी का शिकार बनाते हैं। एसपी के आदेश पर पुलिस ने तीन नामजद समेत चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपितों की तलाश कर रही है। |
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