स्वास्थ्य, पोषण, कृषि व ग्रामीण विकास में बिहार की मदद करेगा गेट्स फाउंडेशन
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार को स्वास्थ्य, पोषण, कृषि और ग्रामीण विकास जैसे प्रमुख क्षेत्रों में राज्य सरकार को गेट्स फाउंडेशन तकनीकी सहयोग आगे भर देता रहेगा। वर्ष 2010 से चली आ रही इस साझेदारी का उद्देश्य केवल योजनाओं का संचालन नहीं, बल्कि स्वास्थ्य तंत्र को संस्थागत रूप से मजबूत करना है। शुक्रवार को बिहार सरकार-गेट्स फाउंडेशन के बीच पूर्व के इस समझौते का अगले पांच वर्ष के लिए फिर से नवीकरण कर दिया गया।
पुराने सचिवालय के सभाकक्ष में उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय की उपस्थिति में समझौते पर हस्ताक्षर हुए। बिहार सरकार की ओर से मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत तथा फाउंडेशन की भारत निदेशक अर्चना व्यास ने दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए।
अप्रैल 2026 से प्रभावी यह समझौता केवल योजनाओं का संचालन में ही सहयोग नहीं देगा बल्कि स्वास्थ्य तंत्र को संस्थागत रूप से मजबूत भी करेगा। इसके तहत मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, पोषण सुधार, डिजिटल स्वास्थ्य प्रबंधन, डेटा विश्लेषण प्रणाली सुदृढ़ीकरण और जमीनी स्तर पर क्षमता निर्माण जैसे कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मौके पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि यह सहयोग 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की प्राप्ति में राज्य की रफ्तार तेज करेगा। वहीं स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि राज्य का मातृ मृत्यु अनुपात घटकर 104 हो गया है और इसे 70 तक लाने का लक्ष्य रखा गया है।
संस्थागत प्रसव दर 76.2 प्रतिशत और पूर्ण टीकाकरण कवरेज 93 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। प्रत्यय अमृत ने कहा कि गेट्स फाउंडेशन सरकार को तकनीकी विशेषज्ञता, वैश्विक अनुभव, डेटा-आधारित रणनीति, नीति निर्माण में परामर्श और प्रशिक्षण सहायता उपलब्ध कराएगा। इससे पिछड़े इलाकों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
समझौते के प्रमुख फोकस क्षेत्र
- मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में और कमी
- पूर्ण टीकाकरण कवरेज का विस्तार
- पोषण सुधार कार्यक्रमों को गति
- डिजिटल हेल्थ सिस्टम व डेटा प्रबंधन सुदृढ़ीकरण
- स्वास्थ्यकर्मियों का प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण
2030 लक्ष्य की दिशा में रणनीति
- एसडीजी अनुरूप स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार
- ग्रामीण व दूरस्थ क्षेत्रों में सेवाओं की पहुंच
- कृषि व ग्रामीण विकास से जुड़ी आजीविका सुदृढ़ीकरण
- नीति निर्माण में तकनीकी परामर्श व मानीटरिंग
|