सांकेतिक तस्वीर।
विजय जोशी, देहरादून। देहरादून को शांत, सुरक्षित और शिक्षण संस्थानों की नगरी के रूप में जाना जाता रहा है। लेकिन, बीते डेढ़ दशक में हालात धीरे-धीरे बदले हैं।
कभी रिटायर्ड अधिकारियों, छात्रों और पर्यटकों की सुकूनभरी वादियों वाला यह शहर अब संगीन अपराधों की खबरों से भी सुर्खियों में रहने लगा है।
हत्या, लूट, गैंगवार, डकैती और दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराधों की घटनाओं ने राजधानी की छवि पर सवाल खड़े किए हैं। यहां तक कहा जाने लगा है कि देहरादून अपराध की राजधानी बन चुका है।
पिछले कुछ वर्षों में अपराध के कई बड़े मामले सामने आए, जिनमें स्थानीय आपराधिक गतिविधियों के साथ-साथ दूसरे राज्यों के अपराधियों के तार भी जुड़े।
पुलिस रिकार्ड की ही बात करें तो देहरादून में संगठित अपराध, प्रापर्टी विवाद में हत्याएं, गैंगस्टर गतिविधियां और महिलाओं के खिलाफ अपराधों में तेजी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। महिलाओं के खिलाफ अपराधों (दुष्कर्म, छेड़छाड़) में लगातार इजाफा हुआ है।
साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है। बाहरी राज्यों विशेषकर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और झारखंड से जुड़े अपराधियों की संलिप्तता कई मामलों में सामने आई है।
हालांकि, पुलिस का दावा है कि अपराधों के पंजीकरण में पारदर्शिता और रिपोर्टिंग बढ़ने से आंकड़े अधिक दिखाई दे रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर नागरिकों में असुरक्षा की भावना भी बढ़ी है।
देहरादून में इस प्रकार बढ़ा अपराध का ग्राफ
- वर्ष 2025: जन सेवा केंद्र वाणी विहार में लगभग 3.5 लाख की लूट, तीन अज्ञात लुटेरों ने केंद्र से कैश लूट।
- वर्ष 2025: प्रेमनगर में पुरानी दुश्मनी के चलते 34 वर्षीय युवक ने 38 वर्षीय युवक की हत्या कर दी।
- वर्ष 2026: विकासनगर के ढालीपुर में युवती की नृसंश हत्या।
- वर्ष 2026: ऋषिकेश में महिला की गोली मारकर हत्या।
- वर्ष 2026: मच्छी बाजार में 23 वर्षीय युवती की चापड़ से गला काटकर हत्या।
- वर्ष 2026: तिब्बती मार्केट के बाहर कारोबारी की गोली मारकर हत्या।
- वर्ष 2026: झारखंड का गैंगस्टर विक्रम शर्मा देहरादून के सिल्वर सिटी माल में गोली मारकर हत्या।
मैं एक नागरिक के रूप में करीब 50 वर्ष से अधिक समय से देहरादून को जानता हूं। यह शहर ऐसा कभी नहीं था। एक के बाद एक हत्या की घटनाओं ने हमें झकझोर कर रख दिया है। इस शहर में कभी दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या होने की बात कोई सोच भी नहीं सकता था। अब यह आम हो गया है। बीते दो सप्ताह में शहर के भीतर ही तीन हत्याएं दिनदहाड़े कर दी गईं, जिससे आम शहरी भयभीत है। मेरा मुख्यमंत्री से आग्रह है कि कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए हर आवश्यक बदलाव किया जाए और सख्त कदम उठाए जाएं।
दिनेश अग्रवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री
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