तिरंगे के साथ पैरा तैराक सत्येंद्र।
डिजिटल डेस्क, इंदौर। मध्य प्रदेश के पैरा तैराक सत्येंद्र सिंह ने अपनी छह सदस्यीय रिले टीम के साथ न्यूजीलैंड के कुक स्ट्रेट चैनल को सफलतापूर्वक पार किया। उन्होंने बताया कि कुक स्ट्रेट चैनल करीब 22 किमी लंबा है। रिले टीम के सदस्यों ने मिलकर यह दूरी नौ घंटे और 22 मिनट में तय की। रिले टीम में सत्येंद्र सिंह के अलावा न्यूजीलैड के सुए मेलसोप, एंडी मैकडोनाग, डेब हम्बली, एलेन क्रिक और ब्रेट रिचर्ड्सन भी शामिल थे। सभी ने बारी-बारी से तैराकी करते हुए चैनल को पार किया।
चुनौतियों के बीच डटे रहे
न्यूजीलैंड के समयानुसार तैराकी सुबह 10 बजे से प्रारंभ हुई। इस दौरान पानी का औसत तापमान 15 डिग्री सेल्सियस था। टीम के अन्य पांच सदस्य न्यूजीलैंड के ही थे, जबकि सत्येंद्र भारत से अकेले थे। ऐसे में ठंडे पानी और प्रतिकूल मौसम के बीच तैरना चुनौतीपूर्ण रहा। वे यह उपलब्धि हासिल करने वाले एशिया के पहले दिव्यांग तैराक बन गए हैं।
भिंड जिले से है नाता
मध्य प्रदेश के भिंड जिले की मेहगांव तहसील के गाता गांव के सत्येंद्र सिंह इंदौर के वाणिज्यकर विभाग में पदस्थ हैं। उन्हें केंद्र सरकार पद्मश्री से सम्मानित कर चुकी है। इसके अलावा वर्ष 2014 में मप्र सरकार ‘विक्रम पुरस्कार’ और वर्ष 2019 में केंद्र सरकार तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार प्रदान कर चुकी है। गाता गांव के किसान परिवार में जन्मे सतेंद्र ने गांव की बेसली नदी में तैराकी सीखी।
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ऐसा है उपलब्धियों का सफर
उन्होंने वर्ष 2007 में प्रोफेशनल तैराकी की शुरुआत की। 2018 में इंग्लिश चैनल पार करने वाली भारत की चार पैरा तैराकों की रिले टीम का हिस्सा रहे। 2014 में उन्हें मप्र सरकार का सर्वोच्च खेल सम्मान ‘विक्रम पुरस्कार’ मिला। 2019 में उन्हें राष्ट्रपति द्वारा तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार प्रदान किया गया। 2024 में भारत सरकार ने उन्हें खेल क्षेत्र में योगदान के लिए पद्मश्री से नवाजा। |
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