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जागरण संवाददाता, अयोध्या। एचडीएफसी बैंक की दो शाखाओं पर गोल्ड लोन स्कीम के तहत नकली सोने के जेवरात रख कर 11.68 लाख रुपये लोन लेने का प्रकरण सामने आया है। इसमें बैंक के अधिकृत वैल्यूअर व एक अज्ञात की संलिप्तता का आरोप लगा है। बैंक अधिकारी की तहरीर पर कोतवाली नगर पुलिस ने पांच नामजद व एक अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस को दी तहरीर में लखनऊ एचडीएफसी बैंक के मैनेजर आयुष अग्रवाल ने बताया कि एचडीएफसी बैंक की एक शाखा अमानीगंज अयोध्या में स्थित है, जो कि गोल्ड लोन भी देती है। इस योजना के तहत बैंतीकला चौरेबाजार बीकापुर निवासी कौशलेश सिंह, धरम सिंह व सोनू जायसवाल ने सोना गिरवी रख कर 6.67 लाख रुपये लोन लिया।
लिया पांच लाख का लोन
वहीं, आरोपी कौशलेश व धरम ने नाका स्थित शाखा से पांच लाख 17 सौ रुपये का लोन लिया। बताया कि इनके द्वारा आवेदन किए जाने पर अमानीगंज स्थित शाखा के बैंक के अधिकृत वैल्यूअर मनोज रस्तोगी व नाका स्थित शाखा के किशनलाल सोनी ने समस्त औपचारिकता पूर्ण कर सत्यापित रिपोर्ट दी, जिसके बाद ही नियमानुसार लोन दिया गया था।
बताया कि जब आरोपियों ने गोल्ड लोन की किस्तें नहीं चुकाई तो बैंक ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत गिरवी रखे जेवरातों का पुनः मूल्यांकन किया तो समस्त जेवर नकली पाए गये। आरोप लगाया कि अधिकृत वैल्यूअर मनोज कुमार रस्तोगी और किशनलाल सोनी एवं अज्ञात बैंक कर्मी ने इन ग्राहकों से मिलीभगत कर नकली जेवर व कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर कुल 11 लाख 68 हजार 700 रुपये का ऋण स्वीकृत करा लिया था।
जांच में क्या पता चला?
जांच में यह भी पता चला कि धरम सिंह और कौशलेश सिंह ने पूर्व में भी अमानीगंज एवं नाका शाखाओं से फर्जी लोन स्वीकृत कराने का प्रयास किया था, लेकिन सफल नहीं हुए थे। आरोप है कि उनके इस कृत्य से बैंक को आर्थिक नुकसान के साथ साख पर भी बट्टा लगा है।
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नगर कोतवाल अश्विनी पांडेय ने बताया कि तहरीर के आधार पर मनोज रस्तोगी, किशनलाल सोनी, धरम सिंह, कौशलेश सिंह व सोनू जायसवाल समेत एक अज्ञात बैंक कर्मी के विरुद्ध धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। |
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