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फायरिंग के आरोपी अस्पताल से डिस्चार्ज। सांकेतिक फोटो
जागरण संवाददाता, यमुनानगर। सिटी मॉल और वरयाम सिंह अस्पताल में फायरिंग करने वाले तीनों आरोपियों को सिविल अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। मुठभेड़ में घायल होने के कारण उनका इलाज चल रहा था। डॉक्टरों ने हालत स्थिर बताई। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
एडिशनल एसपी अमरिंदर सिंह ने बताया कि शनिवार को तीनों बदमाशों को अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस रिमांड की मांग करेगी। रिमांड के दौरान साजिश और गैंग कनेक्शन की जांच होगी। आरोपितों से पुलिस ने दो पिस्तौल और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मोबाइल डेटा की जांच की जा रही है। पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
गलत जानकारी दी थी बदमाशों ने पुलिस को
अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान आरोपियों ने पुलिस को गलत जानकारी दी। मुख्य आरोपी गुरलाल ने खुद को कुरुक्षेत्र का निवासी बताया। जांच में वह पंजाब के सामना का रहने वाला निकला। नितिन और सागर ने खुद को नाबालिग बताया। दस्तावेज जांच में दोनों बालिग पाए गए।
यह हुई थी घटना
शनिवार रात करीब 11 बजे तीनों बाइक पर आए। पहले वरयाम सिंह अस्पताल में 13 से 14 राउंड फायरिंग की। फिर सिटी मॉल के बाहर गोलियां चलाईं। गैंग के नाम की पर्ची भी फेंकी। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई।
एडिशनल एसपी ने बताया कि पुलिस ने तुरंत नाकाबंदी की। रविवार सुबह गांव सुड़ैल के पास तीनों बदमाशों को घेर लिया था। दोनों तरफ से 25 से 30 गोली चली। दो आरोपियों के पैर में गोली लगी। तीसरा बाइक से गिरकर घायल हो गया। पुलिस ने मौके पर ही तीनों को पकड़ लिया।
मुठभेड़ में सीआईए-2 इंचार्ज राकेश और सीआईए-1 इंचार्ज राजकुमार को भी गोलियां लगीं। दोनों ने बुलेटप्रूफ जैकेट पहनी थी। इससे उनकी जान बच गई। |
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