हाथियों का झुंड। (फाइल फोटो)
जागरण संवाददाता, बेरमो। गोमिया प्रखंड के ललपनिया, खखड़ा, महुआटांड़, बड़की पुन्नू, गांगपुर और कुंदा समेत कई गांवों में इन दिनों जंगली हाथियों का आतंक जारी है।
हाथियों के हमलों से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। नवंबर माह से अब तक हाथियों ने सात लोगों की जान ले ली है, जबकि दर्जनों घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया है। खेतों में लगी फसलें भी रौंद दी गई हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
हाथियों को खदेड़ने के लिए हाथी भगाओ टीम लगातार सक्रिय है। टीम के अध्यक्ष विजय कुमार गुप्ता के अनुसार हाथी कई झुंडों में बंट गए हैं, जिससे उन्हें नियंत्रित करना मुश्किल हो गया है। कई बार दिन के समय भी टीम को अभियान चलाना पड़ रहा है।
इस बीच बोकारो वन विभाग ने गुजरात के बनतारा स्थित विशेषज्ञों को पत्र भेजकर एक्सपर्ट टीम की मांग की है, लेकिन अब तक कोई टीम क्षेत्र में नहीं पहुंची है।
बेरमो में कब कितने हुए हाथियों के शिकार
- पिछले साल 10 नवंबर की रात जगेश्वर विहार थाना क्षेत्र के तिलैया गांव में 40 वर्षीय चरकू महतो एवं 38 वर्षीय प्रकाश महतो को हाथियों ने मार दिया।
- पिछले साल ही 16 नवंबर की रात्रि में कुंदा पंचायत के खखंडा ग्राम की 47 वर्षीय साजो देवी को हाथियों ने मार डाला।
- इस साल 17 जनवरी को रामगढ़ के रहने वाले कार सवार सब्जी कारोबारी रवींद्र कुमार को सिमराबेड़ा गांव के पास हाथियों ने मार दिया।
- इस वर्ष 25 जनवरी को कंडेर पंचायत के दरहाबेड़ा गांव में 35 वर्षीय करमचंद सोरेन को हाथियों ने मार दिया।
- इसी वर्ष चार फरवरी की देर रात बड़कीपुन्नू ग्राम में हाथियों ने एक ही परिवार की दो महिलाओं व एक पुरुष को कुचलकर मार डाला।
- 6 फरवरी को गोमिया के गांगपुर गांव में दादा और पोता को हाथियों ने कुचलकर मार डाला।
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हाथी भगाने को लेकर अभी कोई नई योजना नहीं है। पहले की तरह ही काम चल रहा है। बनतारा से आने वाली टीम अभी तक नहीं आई है। -
नीतीश कुमार, प्रभारी डीएफओ , बोकारो |