आरोपितों को कोर्ट में पेश करने ले जाती जीआरपी हरिद्वार की टीम
जागरण संवाददाता, हरिद्वार। चलती ट्रेनों में यात्रियों के मोबाइल और पर्स पर हाथ साफ करने वाले शातिर गिरोह का जीआरपी हरिद्वार ने भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से विदेशी कंपनी का महंगा मोबाइल फोन व ईयर बड्स बरामद हुए हैं।
टिहरी और मुरादाबाद निवासी आरोपित मोबाइल का लॉक तोड़कर एटीएम और यूपीआई के जरिए रकम निकालते थे और फिर मोबाइल सस्ते दामों में बेच देते थे। आरोपितों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
जीआरपी की कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक अरुणा भारती ने बताया कि बीते 25 जनवरी को हेमकुंड एक्सप्रेस से एक महिला यात्री का पर्स चोरी हो गया था, जिसमें आईफोन, वीवो मोबाइल, एयरपॉड, नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेज थे। जीआरी हरिद्वार प्रभारी निरीक्षक बिपिन चन्द्र पाठक के नेतृत्व में उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार की टीम ने घटना की गंभीरता से जांच करते हुए सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की।
चोरी के मोबाइल से देहरादून के एटीएम से पैसे निकालने के बाद अहम सुराग हाथ लगने पर पुलिस टीम ने आरोपितों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपितों ने अपने नाम बलदेव सिंह रावत निवासी ग्राम झिवाली, टिहरी गढ़वाल, अंश शर्मा निवासी मानसरोवर कॉलोनी, मझोला मुरादाबाद और दीपक सेमवाल निवासी ग्राम अंजनीसैन पट्टी जाखणीधार टिहरी गढ़वाल बताए।
उनके कब्जे से चोरी हुआ एप्पल मोबाइल और ईयरबड्स बरामद किए गए हैं। पूछताछ में सामने आया कि आरोपित अंश शर्मा और बलदेव सिंह रावत ट्रेन में चोरी करते हैं। जबकि तीसरा साथी दीपक सेमवाल मोबाइल का लॉक तोड़कर नया यूपीआई पिन बनाता है।
कोर्ट में पेश कर आरोपितों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस टीम में अपर उपनिरीक्षक श्यामदास, कांस्टेबल जाहुल हसन, ईश्वर नेगी और दीपक चौधरी, कांस्टेबल मनोज कुमार शामिल रहे।
डकैती में जमानत पर छूटा है अंश
जीआरपी के हत्थे चढ़ा अंश शर्मा बेहद शातिर है और ट्रेन में आपराधिक घटनाओं में माहिर है। उसकी उम्र महज 22 साल है, मगर बेहद शातिर है। जीआरपी ने पकड़कर पूछताछ की तो आरोपित ने गुमराह करने का प्रयास भी किया। लेकिन पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज दिखाई तो घटना कुबूल करते हुए मोबाइल फोन व ईयर बड्स भी बरामद कराए।
इंस्पेक्टर बिपिन चंद्र पाठक ने बताया कि आरोपित पूर्व में ट्रेन डकैती में भी जेल जा चुका है। गैंगेस्टर के मुकदमे में जमानत मिलने पर कुछ महीने पहले ही जेल से छूटा था।
उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार की अहम भूमिका
आरोपितों तक पहुंचने में उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार की अहम भूमिका रही है। प्रमोद कुमार ज्वालापुर काेतवाली में एसएसआई रहते हुए चर्चित मोरा तारा डकैती कांड में भी खुद को साबित कर चुके हैं। एसपी अरुणा भारती ने पूरी पुलिस टीम को शाबाशी दी है।
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