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विधानपरिषद में सम्राट चौधरी ने दिया अब्दुल बारी सिद्दीकी के प्रश्नों का जवाब। वीडियो ग्रैब
राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar News: राज्य में अपहरण के तहत दर्ज कांडों में 70 प्रतिशत से अधिक मामले शादी या प्रेम-प्रसंग में घर से भागने के होते हैं।
गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को विधान परिषद में बताया कि NCRB (राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो) की 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में अपहरण शीर्ष के अंतर्गत 19 हजार 768 मामले दर्ज किए गए थे।
इनमें 14 हजार से अधिक मामले शादी या प्रेम-प्रसंग में घर से भागने से जुड़े थे। इसमें आठ हजार 27 मामले शादी जबकि छह हजार 325 मामले प्रेम-प्रसंग के थे।
158 मामले ही हत्या या फिरौती के
वहीं अन्य मामलों की संख्या 5548 थी। सम्राट ने बताया कि महज 158 मामले ही ऐसे थे जिसमें हत्या या फिरौती की नीयत से अपहरण किया गया था।
फिरौती के लिए अपहरण के मामले 0.004 प्रतिशत है। कोर्ट के आदेशानुसार, 24 घंटे में गुमशुदा की बरामदगी न होने पर अपहरण का कांड दर्ज करने की अनिवार्यता है। इसके कारण भी इससे जुड़े मामलों में भी वृद्धि हुई है।
दरअसल, राजद के विधानपार्षद अब्दुलबारी सिद्दीकी ने एनसीआरबी के आंकड़ों का हवाला देते हुए वर्ष 2004 और 2024 में अपराध की घटनाओं की तुलना की थी।
उन्होंने अल्पसूचित प्रश्न में पूछा था कि 2004 में संज्ञेय अपराध की संख्या एक लाख 15 हजार 216 थी जो 2024 में बढ़कर 3 लाख 52 हजार हो गई है।
इस मंगलराज से अच्छा जंगलराज था
उन्होंने कटाक्ष भी किया कि मंगलराज से अच्छा तो जंगलराज था। इस पर सम्राट चौधरी ने बताया कि पहले लोगों की पहुंच पुलिस थानों तक इतनी नहीं थी।
अब थानों में तो प्राथमिकी दर्ज हो ही रही, जीरो एफआइआर, एनसीआरपी पोर्टल आदि से आनलाइन शिकायतें भी दर्ज की जा रही हैं।
इसके अलावा राज्य की आबादी भी दोगुनी हो गई है। वर्ष 2004 में आबादी साढ़े छह करोड़ थी जो अब बढ़कर करीब 14 करोड़ हो गई है।
सौरभ कुमार के प्रश्न के जवाब में सम्राट चौधरी ने बताया कि कई पुलिस केंद्रों में दीदी की रसोई के तहत 60 रुपये में पुलिसकर्मियों को भोजन की थाली उपलब्ध कराई जा रही है।
अभी और कई केंद्राें में दीदी की रसोई खोलने की योजना है। अगर पुलिसकर्मियों की मांग हुई तो थाली की कीमत कम करने पर विचार किया जाएगा। |
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