हवा चलने के बाद प्रदूषण छंटने से गुरुग्राम में दिल्ली-जयपुर हाईवे से इस तरह नीला आसमान नजर आया। जागरण
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। मौसम में आए बदलाव के चलते वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में आंशिक गिरावट दर्ज की गई है। सुबह से धूप खिलने और हल्की हवा चलने के कारण वातावरण में मौजूद धूल और धुआं कुछ हद तक छंटा, जिससे नीला आसमान नजर आया। हालांकि राहत के बावजूद शहर की हवा अब भी खराब श्रेणी में बनी हुई है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार सुबह 11 बजे शहर का औसत एक्यूआई 223 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। विभिन्न मॉनीटरिंग स्टेशनों पर अलग-अलग स्तर दर्ज किए गए। ग्वाल पहाड़ी क्षेत्र में एक्यूआई 155 रहा, जो मध्यम श्रेणी में है।
वहीं, सेक्टर-51 में 260 और विकास सदन क्षेत्र में 254 एक्यूआई दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की गति बढ़ने से प्रदूषक कण वतावरण में ठहर नहीं पाते हैं, जिससे अस्थायी राहत मिलती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पाता।
सड़कों धूल और धुआं बढ़ा रहा प्रदूषण
प्रदूषण बढ़ने के पीछे कई कारण जिम्मेदार माने जा रहे हैं। निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल, सड़कों पर जमा मिट्टी, वाहनों से निकलने वाला धुआं मुख्य कारण हैं।
इसके अलावा ठंड के मौसम में तापमान कम होने से प्रदूषक कण निचली सतह पर ही ठहर जाते हैं, जिससे स्मॉग तथा प्रदूषण की स्थिति बनती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
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