जेफरी एपस्टीन की डिक्लासिफाइड फाइल्स ने खोले काले राज
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जेफरी एपस्टीन की मौत के बाद भी उससे जुड़े दस्तावेज़, संपर्क और तथाकथित एपस्टीन फाइल्स लगातार सुर्खियों में हैं। कानूनी और राजनीतिक स्तर पर अब भी यह बहस जारी है कि उसकी गतिविधियों में और कौन‑कौन लोग शामिल थे और किसे कितनी जानकारी थी।
नवंबर 2025 में, अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों ने एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट को भारी बहुमत से मंजूरी दे दी। इसके तुरंत बाद, राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने उस बिल पर साइन किए जिसने जस्टिस डिपार्टमेंट को 19 दिसंबर तक एपस्टीन के खिलाफ हुई क्रिमिनल जांच से जुड़ी अपनी सभी फाइलें जारी करने का आदेश दिया।
इसके कुछ मटीरियल डेडलाइन वाले दिन पब्लिश हुआ, और अगले कुछ हफ़्तों में और भी रिलीज़ हुए। यह साफ नहीं है कि यह कहानी अब अपने आखिर तक पहुंच गई है या नहीं। डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने कहा कि 30 जनवरी को एक रिलीज एक बहुत बड़े डॉक्यूमेंट की पहचान और रिव्यू प्रोसेस का अंत दिखाती है।
लेकिन कैंपेन करने वालों, जिनमें कुछ विपक्षी डेमोक्रेट भी शामिल हैं, डिपार्टमेंट ने बिना सही वजह के बहुत सारे डॉक्यूमेंट रोक रखे हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने अब तक जो मटीरियल पब्लिक डोमेन में डाला है, उससे दिवंगत फाइनेंसर और उनके हाई-प्रोफाइल सर्कल की ज़िंदगी पर रोशनी पड़ी है।
कौन था जेफरी एपस्टीन?
जेफरी एपस्टीन को लेकर एक बार फिर वैश्विक स्तर पर चर्चा तेज़ हो गई है। राजनीति, कॉरपोरेट जगत और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से जुड़े कई नामों के सामने आने के बाद यह सवाल फिर उठ रहा है कि आखिर जेफरी एपस्टीन कौन था, और वह इतनी ताकतवर पहचान कैसे बना पाया।
जेफरी एपस्टीन का जन्म 20 जनवरी 1953 को अमेरिका के ब्रुकलिन, न्यूयॉर्क के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। उसके पिता न्यूयॉर्क सिटी पार्क्स डिपार्टमेंट में काम करते थे, जबकि मां गृहिणी थीं।
हालांकि एपस्टीन पढ़ाई में तेज़ माना जाता था, लेकिन उसने कभी कॉलेज की डिग्री पूरी नहीं की। इसके बावजूद, आगे चलकर उसने खुद को अमेरिका के सबसे रहस्यमयी और प्रभावशाली फाइनेंसरों में शामिल कर लिया।
ताकतवर कनेक्शन और रहस्यमयी जीवनशैली
एपस्टीन के करियर की शुरुआत एक स्कूल शिक्षक के रूप में हुई थी। इसके बाद वह न्यूयॉर्क के निवेश और फाइनेंशियल सर्कल में पहुंचा, जहां उसने खुद को अल्ट्रा‑रिच क्लाइंट्स का फाइनेंशियल एडवाइज़र बताना शुरू किया। समय के साथ, उसने अरबपतियों, उद्योगपतियों, राजनेताओं और अंतरराष्ट्रीय हस्तियों से संपर्क बनाए और एक बेहद एक्सक्लूसिव सोशल नेटवर्क खड़ा कर लिया।
जेफरी एपस्टीन की पहचान सिर्फ उसकी दौलत से नहीं, बल्कि उसकी ऊंचे स्तर तक पहुंच से बनी। उसकी सोशल सर्कल में दुनिया के प्रभावशाली लोग शामिल बताए जाते रहे। उसकी जीवनशैली बेहद गोपनीय थी और उसके निजी विमानों, आलीशान संपत्तियों और सीमित पहुंच वाले ठिकानों को लेकर हमेशा सवाल उठते रहे।
विवादों का केंद्र लिटिल सेंट जेम्स आइलैंड
एपस्टीन ने 1998 में लगभग 72 करोड़ रुपये में 75 एकड़ का कैरिबियन आइलैंड खरीदा था। जिसमें गेस्ट हाउस, दो स्विमिंग पूल, हेलीपैड, भारी सिक्योरिटी था। आज इसे बदनाम “एपस्टीन आइलैंड“ के नाम से जाना जाता है। वह 14-17 साल की लड़कियों को मसाज के बहाने फुसलाता था। 200-300 डॉलर देने का वादा करता और उनके साथ गलत काम करवाता था।
एपस्टीन ने अपने जुर्म छिपाने के लिए अपनी दौलत और असर का इस्तेमाल किया। इसी द्वीप को लेकर कई अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियों ने सवाल उठाए और इसे एपस्टीन के मामलों का मुख्य केंद्र बताया गया। जेफरी एपस्टीन पर नाबालिग लड़कियों की तस्करी और यौन शोषण से जुड़े गंभीर आरोप लगे।
अमेरिका में उसके खिलाफ कई जांचें चलीं और वह दोषी यौन अपराधी के रूप में दर्ज किया गया। वर्ष 2019 में, जब वह संघीय मुकदमे का सामना कर रहा था, तब न्यूयॉर्क की एक जेल में उसकी मौत हो गई, जिसे आधिकारिक तौर पर आत्महत्या बताया गया। |