Chikheang • The day before yesterday 10:56 • views 901
खजनी स्थित कंबल कारखाना। जागरण
रजनीश त्रिपाठी, गोरखपुर। प्रदेश सरकार ने बजट में पूर्वांचल के सभी जिलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया है। सीमावर्ती क्षेत्र में सड़कों के सुदृढ़ीकरण के पीछे आवागमन को सुगम बनाकर व्यावसायिक गतिविधियों को गति देने की सोच है। ग्राम्य विकास संस्था, पशुधन विकास प्रशिक्षण केंद्र, कंबल कारखाना जैसी उपेक्षित पड़ी योजनाओं के लिए धनावंटन सरकार की दूरदृष्टि का प्रमाण है।
दीनदयाल उपाध्याय राज्य विकास संस्था के अंतर्गत महराजगंज में जिला ग्राम्य विकास संस्था की स्थापना के लिए 10 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया है। अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय सीमा मार्गों के सुदृढ़ीकरण व चौड़ीकरण के लिए 170 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इससे नेपाल और बिहार से जुड़ी सड़कें बेहतर होंगी और जिले में आवागमन के साथ व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
देवरिया के लिए बजट में विधिक माप विज्ञान विभाग के तहत जिला मुख्यालय पर कार्यमानक प्रयोगशाला भवन के निर्माण का प्रविधान किया गया है। इससे व्यापारिक प्रतिष्ठानों, पेट्रोल पंपों और अन्य माप-तौल से जुड़े संस्थानों की जांच एवं सत्यापन की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुदृढ़ होगी। उपभोक्ताओं को सही माप-तौल सुनिश्चित कराने में यह प्रयोगशाला महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
बस्ती में वर्षों से लंबित पशुधन विकास प्रशिक्षण केंद्र को बजट से संजीवनी मिली है। इसके लिए 31 लाख रुपये का प्राविधान किया गया है, जिससे मशीनरी और सज्जा उपकरण की व्यवस्था संभव होगी। मंडल स्तरीय निर्माणाधीन फोरेंसिक लैब का कार्य भी पूरा होने की दिशा में आगे बढ़ेगा। सिद्धार्थनगर और संतकबीर नगर के लिए भले ही कोई बड़ी नामित परियोजना घोषित नहीं हुई हो, लेकिन गन्ना मूल्य वृद्धि, पूर्वांचल विकास निधि और सीमा मार्गों के सुदृढ़ीकरण से जिले को अप्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।
यह भी पढ़ें- UP Budget 2026: गोरखपुर क्षेत्र में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर, बेहतर होगा जीवन स्तर
अटल बिहारी वाजपेयी पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेंट योजना के तहत करीब एक हजार बुनकर परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे उनका पलायन थम सकता है। संतकबीरनगर के बुनकरों के उत्थान के लिए बिजली और सूत पर सब्सिडी तथा उनके उत्पादों को उचित मूल्य दिलाने की व्यवस्था बुनकरों के लिए संजीवनी साबित होगी।
लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर और गौतमबुद्धनगर के नगर निगम क्षेत्रों में रूफटॉप गार्डनिंग योजना के संचालन के लिए तीन करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इससे शहरी क्षेत्रों में हरियाली बढ़ेगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। |
|