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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा झटका लगा है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने पाकिस्तान के साथ होने वाली अहम एयरपोर्ट मैनेजमेंट डील को रद कर दिया है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब कुछ ही दिन पहले यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भारत के दौरे पर आए थे। हाल ही में शहबाज शरीफ बोर्ड ऑफ पीस में शामिल हुए थे और डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी। उसके बाद अब यह फैसला पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका है।
दिलचस्पी खत्म हो गई: यूएई का स्पष्ट संदेश
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, यूएई ने पाकिस्तान के एयरपोर्ट प्रोजेक्ट में दिलचस्पी खत्म होने का हवाला देते हुए इस समझौते को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया। बताया जा रहा है कि कराची, लाहौर और इस्लामाबाद एयरपोर्ट्स के संचालन और विकास से जुड़ी इस डील पर लंबे समय से बातचीत चल रही थी, लेकिन अब इसे पूरी तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
भारत दौरे के बाद बदला समीकरण
विशेषज्ञों का मानना है कि यूएई राष्ट्रपति के हालिया भारत दौरे के बाद क्षेत्रीय कूटनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भारत-यूएई के बीच रणनीतिक, आर्थिक और इंफ्रास्ट्रक्चर सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है, जिसका असर पाकिस्तान पर साफ दिख रहा है।
पाकिस्तान की कमजोर होती वैश्विक पकड़
आर्थिक संकट, राजनीतिक अस्थिरता और सुरक्षा चिंताओं के चलते पाकिस्तान पहले ही विदेशी निवेश के मोर्चे पर संघर्ष कर रहा है। यूएई जैसे करीबी सहयोगी देश का पीछे हटना पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
भारत-यूएई रिश्तों को मिली नई मजबूती
यूएई भारत का प्रमुख रणनीतिक साझेदार है। ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर, रक्षा और निवेश जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के रिश्ते नई ऊंचाइयों पर हैं। जानकारों का कहना है कि आने वाले समय में भारत को इसका सीधा लाभ मिल सकता है।
पाकिस्तान की चिंता बढ़ी
एयरपोर्ट डील रद होने से पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय साख और कमजोर होती नजर आ रही है। विश्लेषकों के अनुसार, यदि हालात नहीं सुधरे तो अन्य विदेशी निवेशक भी पाकिस्तान से दूरी बना सकते हैं।
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