इंडियन आयल कारपोरेशन ने जनवरी में औसतन 4,70,000 बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल खरीदा है। (AI फोटो)
नई दिल्ली। भारत में रूसी कच्चे तेल की सबसे बड़ी खरीदार रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने जवरी में अब तक वहां से कोई तेल नहीं खरीदा है। हालांकि, डिस्काउंट पर उपलब्ध तेल के चलते सरकारी रिफाइनरियों ने आयात बढ़ा दिया है। फिलहाल रूसी कच्चा तेल सात डालर प्रति बैरल के डिस्काउंट पर उपलबध है, जो 2025 के मध्य में मिल रही छूट से तीन गुना है। उद्योग से जुड़े सूत्रों ने बताया कि रिलायंस ने 2025 में लगभग छह लाख बैरल प्रतिदिन के हिसाब से रूसी कच्चा तेल खरीदा। इस दौरान वह दुनिया में रूसी कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार बताया जा रहा था।
ब तक का सबसे ज्यादा इंडियन ऑयल ने खरीदा
मैरीटाइम इंटेलिजेंस फर्म केप्लर द्वारा संग्रहित डाटा से पता चलता है कि इंडियन आयल कारपोरेशन ने जनवरी में औसतन 4,70,000 बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल खरीदा है। यह अब तक का सबसे ज्यादा है। इंडियन आयल ने दिसंबर, 2025 में 4,27,000 बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल खरीदा था।
भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने इस महीने 1,64,000 बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल खरीदा, जो दिसंबर 2025 में खरीदे गए 1,43,000 बैरल प्रतिदिन से ज्यादा है। रूसी तेल कंपनी रोसनेफ्ट की सहयोगी कंपनी नायरा एनर्जी ने रूस से कच्चे तेल का आयात जारी रखा और इस महीने उसने लगभग 4,69,000 बैरल प्रतिदिन तेल खरीदा।
जनवरी के पहले सप्ताह में रूसी तेल का आयात रहा थोड़ा कम
हालांकि, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और मैंगलोर रिफाइनरी ने किसी तरह का रूसी कच्चा तेल नहीं खरीदा। जनवरी के पहले सप्ताह में रूसी तेल का आयात थोड़ा कम होकर 11 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया, जो दिसंबर के 12 लाख बैरल प्रतिदिन था। आयात में आई इस कमी को रूस के दो सबसे बड़े तेल आयातक रोसनेफ्ट और लुकोइल पर अमेरिकी प्रतिबंध के असर को दिखाते हैं। यह प्रतिबंध 21 नवंबर से लागू हो गए हैं।
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