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ICE को बिना वारंट घर में घुसने की छूट... ट्रंप के नए फैसले से कैसे बर्बाद हो जाएगी अप्रवासियों की जिंदगी?

LHC0088 3 hour(s) ago views 772
  

अमेरिका में इमिग्रेशन छापों का तरीका बदला अब घर के अंदर भी घुस सकती है ICE (फाइल फोटो)



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका में सालों से प्रवासियों को यह सलाह दी जाती रही है कि अगर इमिग्रेशन अधिकारी दरवाजा खटखटाएं तो बिना जज के साइन वाले वारंट के दरवाजा न खोलें। लेकिन अब यह नियम बदल सकता है।  

एक आंतरिक सरकारी मेमो के मुताबिक, अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी ICE अब बिना जज के वारंट के भी लोगों के घरों में जबरन घुस सकती है। इस फैसले से अप्रवासी समुदायों में डर और चिंता बढ़ गई है।

मैक्सिको से 30 साल पहले अमेरिका आए फर्नांडो पेरेज कहते हैं कि इमिग्रेशन अधिकारी कई बार उनके घर आए, लेकिन उन्होंने कभी दरवाजा नहीं खोला। उन्हें पता था कि कानून क्या कहता है।

अब तक सुप्रीम कोर्ट का साफ नियम रहा है कि बिना जज के साइन वाले वारंट के सरकार किसी के घर में जबरन प्रवेश नहीं कर सकती। इसी वजह से ICE अधिकारी अक्सर लोगों को घर के बाहर, सड़क या सार्वजनिक जगहों पर पकड़ते थे। कई बार अधिकारियों को घंटों तक घर के बाहर इंतजार करना पड़ता था और अगर व्यक्ति बाहर नहीं निकलता, तो वे लौट जाते थे।
ICE का नया मेमो

अब एसोसिएटेड प्रेस (AP) को मिले एक आंतरिक ICE मेमो में कहा गया है कि जिन लोगों के खिलाफ फाइनल डिपोर्टेशन ऑर्डर है, उनके घर में अधिकारी केवल प्रशासनिक वारंट के आधार पर भी घुस सकते हैं।

इस मेमो के अनुसार अधिकारी सुबह 6 बजे से रात 10 बजे के बीच ही कार्रवाई कर सकते हैं। पहले उन्हें दरवाजा खटखटाकर अपनी पहचान और आने का कारण बताना होगा। अगर अंदर मौजूद लोग कानूनी तरीके से प्रतिक्रिया नहीं देते, तो अधिकारी बल प्रयोग कर सकते हैं।
राजनीतिक और कानूनी प्रतिक्रिया

डेमोक्रेटिक सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने इस नीति की कड़ी आलोचना की है और कांग्रेस से जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह नीति हर अमेरिकी के लिए डरावनी है। सुप्रीम कोर्ट के जज जॉन पॉल स्टीवेंस ने 1980 में कहा था कि किसी के घर में जबरन प्रवेश करना चौथे संशोधन के खिलाफ सबसे गंभीर उल्लंघन है।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव दशकों से चल रही \“अपने अधिकार जानो\“ (Know Your Rights) की शिक्षा को पूरी तरह उलट देता है।
बढ़ता खतरा और डर

UCLA लॉ स्कूल के प्रोफेसर अहिलान अरुलानन्थम का कहना है कि ऐसे छापों से हिंसा का खतरा बढ़ सकता है। कई राज्यों में स्टैंड-योर-ग्राउंड कानून हैं, जहां लोग अपने घर में घुसने वाले को खतरा समझकर गोली चला सकते हैं।

ICE रिकॉर्ड्स में गलत पते होने की संभावना भी रहती है, जिससे अमेरिकी नागरिकों के घरों में भी छापे पड़ सकते हैं। अरुलानन्थम के मुताबिक, अब लोगों को यह डर सताने लगा है कि वे अपने ही घर में सुरक्षित नहीं हैं।
समुदायों में जागरूकता

कई शहरों में स्कूल, स्थानीय संगठन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लोगों को उनके अधिकारों की जानकारी देते रहे हैं। कैलिफोर्निया और कैलिफोर्निया जैसे इलाकों में लोगों ने टीकटॉकऔर स्कूल बुलेटिन से सीखा कि ICE आने पर क्या करना चाहिए।

लेकिन ट्रंप प्रशासन के बॉर्डर प्रमुख टॉम होमन ने ऐसी जानकारी को गिरफ्तारी से बचने का तरीका बताया है। अब नई नीति के बाद यह साफ नहीं है कि ये सलाहें आगे कितनी कारगर रहेंगी।

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