search

सिर्फ 7 लाख में बिकी, चांदनी चौक की छोटी सी इलेक्ट्रिकल दुकान से कैसे बनी 80 हजार करोड़ की ये कंपनी

LHC0088 2026-1-25 15:56:41 views 560
  



नई दिल्ली। हर भारतीय घर में पंखा, वायर, स्विच या लाइट का नाम आते ही हैवेल्स (Havells) याद आता है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस अरबों डॉलर की कंपनी की शुरुआत एक छोटे व्यापारी ने की थी। Havells नाम सुनकर कई लोग इसे विदेशी कंपनी समझते हैं, लेकिन यह पूरी तरह भारतीय ब्रांड है।
कौन थे हवेली राम गांधी?

हवेली राम गांधी (Haveli Ram Gandhi) एक भारतीय व्यापारी थे, जिन्होंने 1958 में दिल्ली के भगीरथ प्लेस (चांदनी चौक) में एक छोटी इलेक्ट्रिकल ट्रेडिंग कंपनी शुरू की थी। वे मुख्य रूप से स्विचगियर और इलेक्ट्रिकल सामान का व्यापार करते थे। हवेली राम गांधी ने एक छोटी इलेक्ट्रिकल ट्रेडिंग कंपनी शुरू की, जिसका नाम उनके ही नाम हैवेल्स (Havells) हवेली राम गांधी से लिया गया था।
कैसे बिक गई Havells?

हवेली राम गांधी का बिजनेस ज्यादा सफल नहीं हो पा रहा था। तब उनके एक डिस्ट्रीब्यूटर किमत राय गुप्ता (Qimat Rai Gupta) ने 1971 में हवेली राम गांधी से Havells ब्रांड को लगभग 7-10 लाख रुपये में खरीद लिया। यहीं से असली हैवेल्स की सफलता की कहानी शुरू होती है।
किमत राय गुप्ता ने Havells को कैसे अरबों का साम्राज्य बनाया?

किमत राय गुप्ता का जन्म 1937 में पंजाब के मालेरकोटला में एक निम्न-मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। 1958 में उन्होंने दिल्ली आकर सिर्फ 10,000 रुपये की पूंजी के साथ गुप्ता जी एंड कंपनी नाम से एक छोटी इलेक्ट्रिकल ट्रेडिंग कंपनी शुरू की। ग्रामीण भारत में स्विचगियर और शहरों में केबल, लाइट और पंखे बेचकर उन्होंने पूंजी जुटाई और फिर पूरे भारत में आधुनिक फैक्ट्रियां स्थापित कीं। उन्होंने हैवेल्स को भारतीय इलेक्ट्रिकल उद्योग को ग्लोबल स्टैंडर्ड तक पहुंचाया।
वैश्विक ब्रांड में बदली देसी कंपनी

आज हैवेल्स के पास भारत में 15 से अधिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं और इसके प्रोडक्ट 70 से ज्यादा देशों में बिकते हैं। कंपनी पंखे, वायर, स्विच, LED लाइट, किचन अप्लायंसेज और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स बनाती है। 2024 में कंपनी ने बिल्ट-इन किचन अप्लायंसेज जैसे कुकटॉप और चिमनी भी लॉन्च किए।
बेटे अनिल राय गुप्ता

2014 में किमत राय गुप्ता के निधन के बाद उनके बेटे अनिल राय गुप्ता ने कंपनी की कमान संभाली। अनिल गुप्ता ने दिल्ली के सेंट जेवियर्स स्कूल और श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से पढ़ाई की और अमेरिका से MBA किया। उनके नेतृत्व में Havells और तेजी से बढ़ी और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में बड़ी पहचान बनाई।
हैवेल्स के मालिक के पास कितनी दौलत?

आज Havells के विनोद और अनिल राय गुप्ता एवं परिवार भारत का 38वां सबसे अमीर परिवार है। उनके परिवार की नेटवर्थ फोर्ब्स के मुताबिक 7.2 बिलियन डॉलर (करीब 65,946 करोड़ रुपये) है। मां और बेटे विनोद और अनिल राय गुप्ता अपनी संपत्ति अपने परिवार की प्रमुख कंपनी हैवल्स इंडिया में मौजूद बहुसंख्यक हिस्सेदारी से हासिल करते हैं। हैवेल्स शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनी है जिसका मार्केट कैप NSE के मुताबिक 80,603 करोड़ रुपये है।

यह भी पढ़ें: कौन है माला गांवकर? शेयर बाजार में बनाया पैसा कमाने का इतिहास, नौकरी छोड़ 3 साल में कमा लिए 54000 करोड़ रुपये
like (0)
LHC0088Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
LHC0088

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
167126