पटेल नगर के पास जीटी रोड किनारे का खुला नाला। अनिल बराल
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। शहर भर में खुले नाले अब आम नागरिकों के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। बारिश हो या सामान्य दिन, इन खुले नालों के कारण आए दिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं, लेकिन संबंधित विभागों की ओर से ठोस और स्थायी समाधान अब तक नजर नहीं आ रहा है।
गाजियाबाद के कई इलाकों में नालों पर स्लैब टूटे हुए हैं तो कहीं पूरी तरह खुले पड़े हैं, जिनके पास न चेतावनी बोर्ड हैं और न ही सुरक्षा बैरिकेड्स। रात के समय और बारिश के दौरान इन नालों को देख पाना मुश्किल हो जाता है, जिससे दोपहिया वाहन सवार, बुजुर्ग और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
इस्लाम नगर स्थित खुला नाला। अनिल बराल
हाल ही में कई जगहों पर लोग नालों में गिरकर घायल हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद विभाग केवल अस्थायी मरम्मत या खानापूरी तक सीमित है। नगर निगम और संबंधित विभाग समय-समय पर निरीक्षण और मरम्मत के दावे तो करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है।
कहीं स्लैब रख दिए जाते हैं तो कहीं काम अधूरा छोड़ दिया जाता है, जो कुछ ही दिनों में फिर से खतरे का कारण बन जाता है। लोगों का कहना है कि खुले नालों को प्राथमिकता के आधार पर पूरी तरह ढंका जाए और लापरवाह अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए, ताकि शहर को हादसों से सुरक्षित बनाया जा सके। |