शिपकी ला के नमग्या में सेना की ओर से समर्पित किया गया पर्यटक सुविधा केंद्र।
संवाद सहयोगी, रिकांगपिओ (किन्नौर)। हिमाचल प्रदेश में तिब्बत से लगते शिपकी ला क्षेत्र में सीमावर्ती पर्यटन को बढ़ावा देने और यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में भारतीय सेना ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मंगलवार को नमग्या में नवनिर्मित पर्यटक सुविधा केंद्र स्थानीय लोगों को समर्पित किया। सुविधा केंद्र सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित पर्यटन को प्रोत्साहित करने में सहायक सिद्ध होगा।
पर्यटक सुविधा केंद्र का लोकार्पण लेफ्टिनेंट जनरल डीजी मिश्रा, एवीएसएम, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, उत्तर भारत ने नागरिक प्रशासन के प्रतिनिधियों एवं भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किया।
शिपकी ला खुलने के बाद यह केंद्र रहेगा अहम
शिपकी ला दर्रे के पर्यटकों के लिए खोले जाने के बाद इस केंद्र का उद्घाटन क्षेत्र के लिए विशेष महत्व रखता है। सुंदर प्राकृतिक परिवेश में स्थित नमग्या पर्यटक सुविधा केंद्र से रेओ पुर्ग्यिल शिखर और सतलुज घाटी का मनोहारी दृश्य दिखाई देता है।
पर्यटकों के लिए जलपान की सुविधा भी होगी
इस केंद्र को एक समर्पित पारगमन विश्राम स्थल के रूप में विकसित किया गया है। जहां शिपकी ला की ओर जाने वाले पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाएं, जलपान व्यवस्था तथा आरामदायक विश्राम की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
बच्चों की शिक्षा पर खर्च होगी आमदनी
विशेष बात यह है कि इस पर्यटक सुविधा केंद्र से होने वाली आय को नमग्या, खाब एवं ताशीगंग गांवों के मेधावी छात्रों के लिए प्रतिष्ठित संस्थानों से ऑनलाइन कोचिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने में उपयोग किया जाएगा। परियोजना भारतीय सेना की सामुदायिक कल्याण, राष्ट्र निर्माण व दूरस्थ सीमावर्ती क्षेत्रों के समावेशी विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
स्थानीय आजीविका होगी सशक्त
यह पहल स्थानीय आजीविका को सशक्त करने और सैन्य-नागरिक समन्वय को और मजबूत करने की दिशा में एक सार्थक कदम है। पर्यटकों की संभावित बढ़ती संख्या के साथ नमग्या गांव सतलुज घाटी मार्ग पर एक महत्वपूर्ण पारगमन केंद्र के रूप में उभरने को तैयार है, जो यात्रियों को सुरक्षित एवं आतिथ्यपूर्ण ठहराव प्रदान करने के साथ-साथ क्षेत्र के सतत सामाजिक-आर्थिक विकास में भी योगदान देगा।
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