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गेट नंबर पांच लगा नया गेट।
संवाद सहयोगी, जागरण, वृंदावन। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के गेट संख्या पांच पर एक नया गेट लगने से वहां तैनात पुलिसकर्मियों को भी राहत मिलेगी। इस गेट से सेवायतों के यजमान और वीआईपी प्रवेश करते हैं। लेकिन, उनकी आड़ में गलत तरीके से अन्य लोग भी प्रवेश कर जाते थे। एक नया गेट लगने पर यहां पहले यजमान और वीआईपी का सत्यापन होगा, उसके बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। यहां सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी काफी समय से इसकी मांग कर रहे थे।
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के गेट संख्या पांच पर नया गेट लगाया
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में सामान्य श्रद्धालुओं को एंट्री गेट संख्या दो व तीन से होती है और निकासद्वार गेट संख्या चार व एक तय हैं। मंदिर के सेवायतों के यजमान, सेवायत परिवार व वीआईपी के प्रवेश के लिए गेट संख्या पांच नियत किया गया है। गेट संख्या पांच पर भीड़ कम रहती है और बिना धक्का-मुक्की के श्रद्धालुओं को मंदिर प्रांगण में सीधे प्रवेश मिल जाता है। भीड़ से बचने के लिए ज्यादातर श्रद्धालु गेट संख्या पांच पर भी मंदिर में प्रवेश के लिए पहुंच जाते हैं। मंदिर में वीआईपी दर्शन कराने का झांसा देने वाले गाइड भी श्रद्धालुओं को लेकर गेट संख्या पांच पर आते हैं।
निर्धारित सीमा में ही सेवायतों के यजमान भी कर सकेंगे प्रवेश, वीआईपी का भी होगा सत्यापन
गेट संख्या पांच तक पहुंचने को संकरी गली से होकर गुजरना पड़ता है। इसलिए पुलिसकर्मी गली के बाहर ही खड़े होकर वीआईपी व सेवायतों के यजमानों की चेकिंग कर गली में प्रवेश देते हैं। यहां से श्रद्धालु सीधे मंदिर परिसर में पहुंच जाते हैं। इसी चेकिंग और यजमानों को गली में प्रवेश दिलाने की प्रक्रिया के दौरान वीआईपी दर्शन का झांसा देकर श्रद्धालुओं को लेकर आने वाले गाइड उन्हें पुलिसकर्मियों के पीछे से गली में प्रवेश दिला देते हैं।
20 यजमानों की है संख्या
श्रद्धालुओं के अंदर गली में पहुंचते ही गाइड गायब हो जाते हैं। उधर प्रत्येक सेवायत के यजमानों की संख्या 20 नियत है, लेकिन वह भी अधिक यजमान ले जाते हैं। पुलिसकर्मी काफी समय से मंदिर प्रबंधन से गली के बाहर भी एक नया गेट लगवाने की मांग कर रहे थे, ताकि वहां बिना चेकिंग के कोई जा न सके। इसी को देख गेट लगा दिया गया है। यहां पर यजमानों का सत्यापन करने के साथ वीआईपी का भी सत्यापन होगा। यह देखा जाएगा कि वह वीआईपी प्रोटोकॉल से हैं या नहीं।
गेट संख्या पांच की गली के बाहर गेट लगाने के लिए पुलिसकर्मी लंबे समय से मांग कर रहे थे। वीआईपी श्रद्धालु या यजमानों की चेकिंग के दौरान कुछ लोग पुलिसकर्मियों के पीछे से गली में प्रवेश कर जाते थे, जिससे दिक्कत होती थी। -
दिनेश गोस्वामी, सदस्य: मंदिर उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति। |
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