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बांकेबिहारी मंदिर।
संवाद सहयोगी, जागरण, वृंदावन। बसंत पंचमी पर ठाकुर बांकेबिहारी को दस किलो वजनी चांदी की देहरी उनके भक्त द्वारा अर्पित की जाएगी। इसी दिन सुबह नई चांदी की देहरी का पूजन कर उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति सदस्यों की उपस्थिति में मंदिर में होली की शुरुआत होगी।
जिन बैंकों में मंदिर के खाते हैं, वह मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सवा करोड़ रुपये के कार्य कराएंगे। मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के कार्यों में बैंकों ने कदम बढ़ाते हुए सवा करोड़ रुपये की धनराशि अपने सीएसआर फंड से देने का एलान किया है।
ताकि मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के अनेक कार्य हो सकेंगे। मंदिर में रेलिंग व्यववस्था महीने के अंतिम दिनों में ही शुरू होने की उम्मीद उच्चाधिकार प्रबंधन समिति की बैठक में जताई गई है। इसके अलावा राजस्थान के कोटा में मंदिर की 15 हेक्टयर भूमि को अधिगृहण की कार्रवाई शुरू करने की जानकारी समिति सचिव डीएम सीपी सिंह ने दी।
शहीद लक्ष्मण स्मारक भवन में सोमवार को ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर उच्चाधिकार प्रबंधन समिति की दसवीं बैठक उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश अशोक कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में मंदिर की वित्त संबंधी विषयों पर मंथन किया।
जिसमें मंदिर के फंड के उपयोग, बैंकों के सीएसआर फंड के बारे में बैंक अधिकारियों से चर्चा करने के साथ मंदिर की इमारत की आईआईटी रुड़की के इंजीनियरों के सर्वे रिपोर्ट रखी गई। इसका अध्ययन कर आगे कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
समिति अध्यक्ष न्यायमूर्ति अशोक कुमार ने बताया मंदिर मे श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए होने वाले कार्योंं में बैंकों ने सवा करोड़ रुपये की धनराशि देने का एलान किया है। इसमें से 25 करोड़ केनरा बैंक दो तीन दिन में दे देगी। जबकि एसबीआई और पंजाब नेशनल बैंक 50-50 लाख रुपये सीएसआर फंड से देंगे।
इसके अलावा मंदिर के आसपास के क्षेत्र में प्याऊ, जूताघर जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। मंदिर क्षेत्र में प्रकाश की विशेष व्यवस्था की गई है। दो सौ लाइटें लगा दी गई हैं। जबकि 170 लाइटें और भी लगेंगी। इनमें से कुछ लाइटें निधिवन मंदिर के आसपास लगेंगी।
नगर निगम की सहायता से निधिवन मंदिर में वृक्षों को पानी देने की व्यवस्था की जाएगी। निधिवन मंदिर में स्थित ललिता कुंड की साफ-सफाई भी करवाई जाएगी। अध्यक्ष ने बताया राजस्थान के कोटा में मंदिर की जमीन की जानकारी मिली थी। डीएम द्वारा गठित टीम ने कोटा जाकर पाया कि मंदिर के नाम से 15 हैक्टेयर भूमि मौजूद है।
इसके साथ ही निर्णय लिया कि बांकेबिहारीजी के नाम से अन्य प्रांतों, शहरों में जो भी भूमि, भवन आदि हैं, उसके लिए डीएम समिति की ओर से पत्राचार कर मुख्य सचिवों से संपर्क कर विवरण मांगेंगे। ताकि उनका प्रबंधन भी सुनिश्चित हो सके।
कहा मंदिर सेवाधिकारी के यजमानों को अब गेट संख्या पांच से केवल पांच यजमानों को ही मंदिर में प्रवेश दिला सकेंगे। मदिर में रेलिंग का काम प्रगति पर है। संभवत: 30 जनवरी तक मंदिर में रेलिंग पूरी तरह लगा दी जाएंगी। इससे भीड़ नियंत्रण में सफलता मिलेगी। आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट आ चुकी है। इसके अध्ययन के बाद काम शुरू होगा।
दीवारों की साफ-सफाई से लेकर गर्भगृह की दीवारों पर चांदी की सफाई भी की जाएगी। इसका काम सर्दियां खत्म होने के बाद शुरू होगा। |
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