LHC0088 • Yesterday 20:26 • views 840
बच्ची की हत्या करने के साथपत्नी को मरणासन्न करने के बाद यमुना में कूदकर जान देने वाले हत्यारोपित सिपाही की परिवार के साथ फाइल फोटो। स्वजन
जागरण संवाददाता, बांदा। मासूम बेटी की हत्या एवं पत्नी को मरणासन्न करने वाले सिपाही का छठवें दिन यमुना नदी से जुड़े एक नाले से शव बरामद हुआ है। हत्या के बाद ही यह अनुमान लगाया जा रहा था कि घटना के बाद सिपाही ने भी जान दे दी है। शव मिलने के बाद पूरे घटनाक्रम से पर्दा हट गया है। पुलिस ने शव को पानी से बाहर निकालने के साथ उसके स्वजन को सूचना दी है।
फर्रुखाबाद जनपद के थाना मऊ दरवाजा के ग्राम कुंइया बूट गांव निवासी सिपाही गौरव यादव ने बुधवार की रात मरका थाने से करीब एक किलोमीटर दूर किराये के मकान में पत्नी शिवानी व इकलौती बेटी परी को तवे से हमला कर मरणासन्न कर दिया था। घटना के बाद बेटी की मौत हो गई थी, जबकि पत्नी का कानपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। अभी भी वह कोमा में है।
उधर वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारोपित सिपाही ने भी घटना की रात ही यमुना पुल के पास अपने दोनों मोबाइल रखकर छलांग लगा दी थी। उसने आत्मघाती कदम उठाने के पहले रोते हुए अपने पिता व भाई को फोन से घटना की जानकारी दी थी। उसने कहा था कि उससे बहुत बड़ी गलती हो गई है। घटना के बाद से हत्यारोपित सिपाही की नदी में कमासिन व फतेहपुर जनपद तक खोजबीन की गई थी।
गोताखोरों व ग्रामीणों की 18 सदस्यीय टीम के अलावा एसडीआरएफ टीम राज्य आपदा मोचन बल को लखनऊ से शुक्रवार को बुलाया गया था। इससे 25 किलोमीटर दूर तक तलाश की गई। हर जगह के सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए थे, लेकिन थाने की पुलिस हार नहीं मानी। सोमवार सुबह जब नदी में खोजबीन फिर से शुरू की गई तो उसका शव नदी से जुड़े कुंडिया नाला में काई व जाल में फंसा मिला।
एएसपी शिवराज ने बताया कि घटना के बाद उसके मोबाइल पुल में मिलने से आत्महत्या करना लग रहा था। करीब 50 फीट नदी में गहराई होना बताई जा रही है। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि शव नीचे फंस गया और बहाव में ऊपर आया है।
पत्नी के बयान दर्ज करेगी पुलिस
यमुना नदी में पांच दिनों तक सिपाही का शव न मिलने से मरका थाने के निरीक्षक मिथलेश कुमार रविवार को फर्रुखाबाद गए। एसआइ दुर्ग विजय ने बताया कि सूचना मिलने पर फर्रुखाबाद टीम जाने की जगह कानपुर में रुक गई। वहां हत्यारोपित सिपाही की घायल पत्नी का हाल चाल ले रहे हैं। यदि घायल पत्नी को होश आ जाएगा तो वह उसके बयान भी अस्पताल में दर्ज करेंगे।
फफक कर रोया सिपाही का बड़ा भाई, बोला आरोप बेबुनियाद
बेटी को मारकर आत्महत्या करने वाले सिपाही के स्वजन सोमवार शाम पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। जहां की घटनाक्रम के बारे में बताते हुए बड़ा भाई फफक पड़ा। उसके मुंह से यही निकला कि जरा सा आवेश व गुस्से से उसका हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया। भाई की तरह भतीजी के खोने का भी उन्हें गम है, लेकिन भाई के ससुरालीजन ने उनके ऊपर दहेज उत्पीड़न संबंधी सभी आरोप बेबुनियाद लगाए हैं।
फर्रुखाबाद जनपद के ग्राम कुंइया बूट निवासी हत्यारोपित सिपाही गौरव यादव का शव मिलने की जानकारी होने पर चार-पांच वाहनों से उसका बड़ा भाई बैंक के फील्ड अफसर सौरभ दोस्तों व रिश्तेदारों के साथ शव लेने आए हैं। बड़े भाई ने बताया कि उनके पिता रिटायर्ड एडीओ पंचायत अरविंद कुमार व मां पुष्पा वृद्ध है। इससे उन्होंने भाई का शव बरामद होने की जानकारी उन्हें नहीं दी। क्योंकि वह बेटे की मौत की पुष्टि होने का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे। इससे शव मिलने की सच्चाई दोनों से छिपाई गई है।
यह भी बड़े भाई का कहना है कि घटना के बाद छठे दिन शव मिलना भी आश्चर्य प्रकट कर रहा है। ज्यादातर मामलों में नदी में शव चौबीस घंटे में ही ऊपर आ जाता है। इससे यह भी लग रहा है कि हो सकता है कि वह घटना के बाद तुरंत नदी में न कूदा हो। इसकी सच्चाई क्या है, पुलिस की जांच के बाद ही सामने आ सकती है। भाई व रिश्तेदार रात में ही शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए डीएम के पास गए।
उधर पुलिस का भी यही कहना है कि शव इतने दिन तक पानी में रहने के बाद सिर्फ फूला हुआ मिला है। उसकी त्वचा तो गल गई है लेकिन जलीय जीवजंतु ने शव को नोचकर खराब नहीं किया है।
यह रहा घटनाक्रम
- 14 जनवरी की दोपहर मरका थाना के डायल 112 का सिपाही गौरव यादव पत्नी व बच्चों के साथ गया था मकर संक्रांति का मेला देखने।
- 14 जनवरी की शाम मरका थाना से एक किलोमीटर दूर किराये के मकान में तवे से हमला कर इकलौती बेटी की हत्या करने के साथ पत्नी को किया था मरणासन्न।
- 14 जनवरी की देर शाम मरका कस्बा की यमुना नदी पुल पर मिले थे सिपाही के दो मोबाइल, आत्महत्या करने को लेकर शुरू हुई थी पानी में खोजबीन।
- 15 जनवरी की दोपहर दिवंगत हुई बेटी के शव का पुलिस ने रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज में कराया पोस्टमार्टम।
- 15 जनवरी की सुबह दिवंगत बच्ची के नाना ने हत्यारोपित सिपाही समेत सात ससुरालीजन पर दर्ज कराया था मुकदमा।
- 16 जनवरी की सुबह नाना कश्मीर सिंह व मामा अभिषेक ने बच्ची के शव का बिठुर घाट कानपुर में किया था अंतिम संस्कार।
- 16 जनवरी को हत्यारोपित सिपाही के शव को खोजने के लिए लखनऊ से बुलाई गई एसडीआरएफ।
- 17 जनवरी को नदी के रास्ते 20 किलोमीटर तक एसडीआरएफ व पुलिस ने शव की किया था तलाश।
- 18 जनवरी को फतेहपुर के किशनपुर तक 24 किलोमीटर नदी की जलधारा खंगाला।
- 18 जनवरी की रात कानपुर व फर्रुखाबाद जाने के लिए मरका थाना निरीक्षक हुए रवाना।
- 19 जनवरी की सुबह हत्यारोपित सिपाही का यमुना नदी के कुटी घाट नाले में मिला शव।
|
|