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किडनी पर कैसा असर डालता है खाने में ज्यादा नमक का इस्तेमाल? डॉक्टर ने बताया कितनी मात्रा है सही

cy520520 2026-1-13 15:57:29 views 514
  

किडनी को रखना है सुरक्षित तो आज ही बदलें नमक की आदत (Image Source: Freepik)



लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आप जानते हैं कि आपकी रसोई में मौजूद वह सफेद नमक, जो आपके खाने का स्वाद बढ़ाता है, असल में एक साइलेंट किलर भी बन सकता है? चुटकी भर नमक हमारे शरीर के लिए उतना ही जरूरी है जितना कि सांस लेना- यह हमारे दिमाग और दिल को सही से काम करने में मदद करता है, लेकिन जब यही चुटकी भर नमक, सही मात्रा से ज्यादा बढ़ जाता है, तो सबसे पहले आपकी किडनी खतरे की जद में आती है।

आंकड़े चौंकाने वाले हैं- जहां विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) दिन भर में सिर्फ एक चम्मच नमक की सलाह देता है, वहीं हम भारतीय स्वाद के चक्कर में इसका दोगुना सेवन कर रहे हैं। क्या आपकी यह आदत आपकी किडनी को धीरे-धीरे फेलियर की ओर धकेल रही है (Effects of High Sodium on Kidneys)? आइए, डॉ. वरुण वर्मा (डायरेक्टर - नेफ्रोलॉजी, मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, पटपड़गंज) से नमक और किडनी के इस गहरे संबंध को विस्तार से समझते हैं।

  

(Image Source: Freepik)
क्यों जरूरी है नमक?

हमारे शरीर में सोडियम का एक निश्चित स्तर (135-145 mEq/L) होना बेहद जरूरी है (Kitna Namak Khana Chahiye)। अगर शरीर में सोडियम की कमी हो जाए, तो इसके परिणाम घातक हो सकते हैं, जैसे:

  • दौरे पड़ना
  • दिमाग को नुकसान पहुंचना
  • कार्डियक अरेस्ट (दिल की धड़कन रुकना)


  

(Image Source: Freepik)
जरूरत से दोगुना नमक खा रहे भारतीय

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, एक स्वस्थ व्यक्ति को दिन भर में केवल 5 ग्राम (करीब एक छोटा चम्मच) नमक लेना चाहिए (How Much Salt Per Day)। पश्चिमी देशों में नमक का सेवन कम होता है, लेकिन भारतीय खान-पान में नमक की मात्रा बहुत ज्यादा है। एक औसत भारतीय दिन भर में 10 से 12 ग्राम नमक खाता है, जो जरूरत से दोगुना है।
ज्यादा नमक से होने वाले नुकसान

किडनी हमारे शरीर में नमक और पानी का संतुलन बनाए रखती है। जब हम जरूरत से ज्यादा नमक लेते हैं, तो यह कई बीमारियों को जन्म देता है:

  • हाई ब्लड प्रेशर: ज्यादा नमक से शरीर में पानी की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे खून का दबाव बढ़ता है। यह किडनी की ब्लड वेसल्स को कड़ा और संकरा कर देता है।
  • किडनी की पथरी: पेशाब में सोडियम बढ़ने से कैल्शियम की मात्रा भी बढ़ जाती है, जिससे दर्दनाक पथरी बनने का खतरा रहता है।
  • प्रोटीन्यूरिया: ज्यादा नमक की वजह से पेशाब के जरिए प्रोटीन बाहर निकलने लगता है, जो किडनी खराब होने का एक बड़ा संकेत है।
  • दिल की बीमारियां: नमक की अधिकता से कोरोनरी आर्टरी डिजीज का खतरा बढ़ता है, जो सीधे तौर पर किडनी फेलियर से जुड़ा है।


  

(Image Source: Freepik)
किडनी पेशेंट्स के लिए \“लो साल्ट\“ डाइट है संजीवनी

जिन लोगों की किडनी ठीक से काम नहीं कर रही है, उनके लिए नमक कम करना एक दवा की तरह काम करता है। इससे कई फायदे होते हैं, जैसे:

  • ब्लड प्रेशर बेहतर तरीके से कंट्रोल होता है
  • शरीर की सूजन कम होती है
  • सांस लेने में होने वाली तकलीफ में सुधार आता है


सावधानी: किडनी के मरीजों को पोटैशियम वाले \“साल्ट सब्स्टीट्यूट\“ का इस्तेमाल बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं करना चाहिए, क्योंकि जरूरत से ज्यादा पोटैशियम भी हानिकारक हो सकता है।
सॉल्ट इनटेक को ऐसे करें कम

  • लेबल पढ़ें: पैकेट बंद खाना खरीदते समय देखें कि सोडियम 140mg से कम हो।
  • इनसे बचें: प्रोसेस्ड मीट, फास्ट फूड, डिब्बाबंद खाना, फ्रोजन डिनर और प्रोसेस्ड चीज से दूरी बनाएं।
  • ताजा खाना: ताजें फल, सब्जियां और घर का बना खाना ही खाएं।
  • मात्रा का ध्यान: किडनी के मरीजों को दिन भर में 2,300 mg (आधा चम्मच) से कम नमक का लक्ष्य रखना चाहिए।


याद रखें, नमक कम खाने की आदत एक दिन में नहीं बनती। हमें आज से ही अपनी और अपनी आने वाली पीढ़ी की आदतों को सुधारना होगा ताकि हमारी किडनी सुरक्षित रहे।

यह भी पढ़ें- डाइट से कम करना चाहते हैं नमक, तो इन हेल्दी ऑल्टरनेटिव्स से करें इसे रिप्लेस

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