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कटरा से दिल्ली होते हुए अयोध्या पहुंचा था कश्मीरी अहद शेख, सुरक्षा में सेंध का पूरा सच आया सामने

LHC0088 2026-1-12 05:27:19 views 1263
  



रविप्रकाश श्रीवास्तव, अयोध्या। रामजन्मभूमि परिसर में नमाज पढ़ने के प्रयास में पकड़ा कश्मीरी एबी अहद शेख देश के प्रमुख स्थानों की यात्रा करके अयोध्या पहुंचा था। गत छह जनवरी को कश्मीर से निकला शेख जम्मू में कटरा, दिल्ली, आगरा होते हुए अयोध्या पहुंचा था।

इस दौरान उसने अमृतसर सहित कई धार्मिक स्थलों की यात्रा की। प्रारंभिक जांच में शेख के मानसिक विकार से पीड़ित होने की बात सामने आई है। उसने अपनी अधिकांश यात्रा ट्रेन से की। यात्रा के लिए सामान्य टिकट लिया। शनिवार को ही वह अयोध्या पहुंचा था।

वह कोटा-पटना एक्सप्रेस से दोपहर 12 बजे अयोध्याधाम जंक्शन पहुंचा और वहां से राम मंदिर पहुंच गया। यह पता लगाने के लिए पुलिस को करीब 30-40 सीसीटीवी कैमरे खंगालने पड़े। आगरा से अयोध्या की यात्रा भी उसने सामान्य टिकट पर की थी।

पूछताछ में यह भी सामने आया है कि वह कई धर्मस्थलों की यात्रा कर चुका है, जिसमें मुस्लिम और हिंदू दोनाें धर्मस्थल हैं। राम मंदिर में उसके पकड़े जाने के बाद यहां से लेकर जम्मू कश्मीर तक सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए।

शोपियां में उसके घर तक जांच करने के लिए पुलिस एवं केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां पहुंच गई, जहां यह सामने आया कि उसका मानसिक स्वास्थ्य ठीक नहीं वह घुमंतू है, जिसे अपने परिवार की परवाह भी नहीं है। कश्मीर से शेख के स्वजन अयोध्या के लिए निकल चुके हैं।
कई अनसुलझे सवालों पर भारी पड़ा शेख का मानसिक विकार

कई अनसुलझे सवालों पर शेख का मानसिक विकार भारी पड़ा है। शेख के प्रकरण का अंत भी सीरीन फरीद की मुक्ति कथा की तरह है। उसे भी मानसिक रोगी मान कर छोड़ा गया और शेख को मानसिक रूप से अस्वस्थ्य एवं निर्दोष मान कर छोड़ने की तैयारी है।

प्रारंभिक जांच में उसके स्वजनों की ओर से उसका मानसिक स्वास्थ्य ठीक न होने से संबंधित चिकित्सकीय अभिलेख दिखाने के बाद उसे बावरा माना जा रहा है, जबकि उसकी यात्रा के इतिहास से उसके एक सामान्य यात्री होने का संकेत मिलता है।

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जांच में वह भले ही मानसिक विकार से पीड़ित बताया गया, लेकिन राम मंदिर में दर्शन के लिए प्रवेश प्रक्रिया की उसे पूरी जानकारी थी। उसने सामान्य दर्शनार्थी की भांति अपना बैग यात्री सुविधा केंद्र में जमा किया। मानसिक विकार से ग्रस्त व्यक्ति को परिवार के संरक्षण की आवश्यकता होती है, लेकिन शेख के पुत्र को जानकारी ही नहीं थी कि उनका पिता इतने दिन से कहां है।

इसकी गुमशुदगी भी स्वजनों ने नहीं दर्ज कराई। रामजन्मभूमि परिसर में नमाज पढ़ने के प्रयास की गुत्थी भी नहीं सुलझ सकी है। इसे उसकी नादानी माना जा रहा है।

ऐसे में रामजन्मभूमि परिसर की शांति एवं सुरक्षा में बाधक ऐसे तत्वों से राम मंदिर को सुरक्षित रखने की नई चुनौती पैदा कर दी है, क्योंकि सामान्य दर्शनार्थी की तरह राम मंदिर परिसर में पहुंच कर अनधिकृत चेष्टा करने वालों का पूछताछ में मानसिक रोगी मिलना उनकी मुक्ति का मार्ग बन जाता है। सीरीन की भांति अहद शेख का भी लंबे मानसिक उपचार चलता बताया जा रहा है।


प्रारंभिक जांच में अहद शेख का कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं मिला है। उसका किसी देश विरोधी तत्व से भी संबंध सामने नहीं आया है। उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने की बात सामने आई है। खुफिया एजेंसियों ने भी उससे पूछताछ की है। हर पहलू पर जांच हो रही है। शेख के स्वजनों को बुलाया गया है।
डा. गौरव ग्रोवर, एसएसपी अयोध्या
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