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हजारीबाग केंद्रीय कारा से फरार तीनों सजायाफ्ता कैदी गिरफ्तार, खिड़की काटकर तथा दीवार फांदकर हुए थे फरार

deltin33 2026-1-11 15:56:39 views 1235
  

जेपी केंद्रीय कारा हजारीबाग से 31 दिसंबर 2025 की रात फरार तीनों सजायाफ्ता कैदियों को हजारीबाग पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।



जागरण संवाददाता, हजारीबाग। लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा, हजारीबाग से 31 दिसंबर 2025 की रात फरार हुए तीन सजायाफ्ता कैदियों को हजारीबाग पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

इस संबंध में पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने 11 जनवरी 2026 को आयोजित प्रेस वार्ता में विस्तृत जानकारी दी। एसपी ने बताया कि तीनों कैदियों को महाराष्ट्र राज्य के सोलापुर जिला अंतर्गत करमाला थाना क्षेत्र से विधिवत गिरफ्तार किया गया है और ट्रांजिट रिमांड पर उन्हें हजारीबाग लाया गया है।

एसपी अंजनी अंजन ने बताया कि 31 दिसंबर 2025 को सुबह करीब सात बजे सूचना मिली थी कि रात लगभग 1:30 बजे केंद्रीय कारा के सेक्टर संख्या-6 के वार्ड संख्या-4 से तीन सजायाफ्ता कैदी फरार हो गए हैं।
वरीय अधिकारियों ने घटना स्थल का निरीक्षण किया

सूचना मिलते ही उपायुक्त समेत पुलिस के वरीय अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले को गंभीर मानते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू की गई। जांच में सामने आया कि फरार कैदी देवा भुइयां उर्फ देव कुमार भुइयां, राहुल रजवार और जितेंद्र रवानी—तीनों धनबाद जिले के निवासी हैं और पोक्सो एक्ट के मामलों में सजायाफ्ता हैं।

तीनों ने जेल की खिड़की की लोहे की रॉड काटकर, चादर से रस्सी बनाकर और लोहे के हुक की मदद से पहले आंतरिक दीवार, फिर बाहरी बाउंड्री फांदकर फरारी को अंजाम दिया। एसपी ने बताया कि घटना को चुनौतीपूर्ण मानते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में तीन एसआईटी टीमों का गठन किया गया।
बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश होते हुए तीनों पहुंचे थे महाराष्ट्र

एक टीम तकनीकी शाखा के सहयोग से काम कर रही थी, दूसरी टीम कैदियों के संभावित मूवमेंट का ट्रेल खंगाल रही थी, जबकि तीसरी टीम लगातार विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर रही थी। जांच के दौरान यह सामने आया कि फरारी के बाद तीनों कैदी अलग-अलग माध्यमों से बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश होते हुए महाराष्ट्र पहुंचे, जहां वे ईंट-भट्ठे में मजदूरी कर छिपे हुए थे।

एसपी अंजनी अंजन ने प्रेस वार्ता में बताया कि गिरफ्तार तीनों कैदियों से गहन पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में जेल से भागने की पूरी योजना, आपसी साजिश और संभावित मददगारों की भूमिका की जांच की जा रही है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में जेल के अंदर या बाहर किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।  

एसपी ने कहा कि हजारीबाग केंद्रीय कारा राज्य की सबसे सुरक्षित जेलों में मानी जाती है, ऐसे में इस घटना को पुलिस ने गंभीर चुनौती के रूप में लिया। उन्होंने दावा किया कि हजारीबाग पुलिस अपराध की रोकथाम और त्वरित उद्भेदन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसी का परिणाम है कि इतने बड़े मामले का सफल खुलासा किया गया।
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