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सहरसा में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे से जनजीवन प्रभावित, रबी फसलों पर पाले का खतरा बढ़ा

Chikheang 2026-1-8 14:26:51 views 522
  

सहरसा में कड़ाके की ठंड से जनजीवन प्रभावित



संवाद सूत्र, सत्तरकटैया ( सहरसा )। लगातार जारी कड़ाके की ठंड से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। पछुआ हवा और घने कोहरे के कारण तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे आम लोग ठिठुरन का सामना करने को मजबूर हैं। सुबह और शाम के समय ठंड का असर सबसे अधिक देखने को मिल रहा है।

ठंड बढ़ने से सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है। बाजारों में भी रौनक घट गई है और लोग अत्यावश्यक कार्य होने पर ही घरों से निकल रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और दिहाड़ी मजदूरों को हो रही है। कई स्थानों पर लोग अलाव का सहारा लेते नजर आ रहे हैं।
फसलों में पाला पड़ने का बढ़ा खतरा

कृषि विज्ञानी के अनुसार लगातार जारी ठंड व कोहरे से फसलों में पाला पड़ने का खतरा बढ़ गया है। मौसम की इस स्थिति का सीधा असर रबी फसलों पर पड़ सकता है। विशेषकर गेहूं, सरसों, मक्का, मटर और चना की फसलों में पाले से नुकसान की आशंका जताई गई है।  

विशेषज्ञों ने किसानों को सतर्क रहने और समय रहते बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। कृषि विज्ञानी ने किसानों फसल विशेष सलाह देते हुए कहा कि गेहूं फसल के जिन खेतों में सिंचाई नहीं हुई है, वहां हल्की सिंचाई करें।  

पत्ती झुलसा रोग की रोकथाम के लिए आवश्यकतानुसार दवा का छिड़काव करें। मक्का फसल में नमी बनाए रखने के लिए सिंचाई करें और खरपतवार नियंत्रण पर ध्यान दें।


मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार आगामी पांच दिनों तक मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन तापमान में गिरावट के कारण ठंड का प्रकोप बढ़ने की संभावना है। सुबह के समय कोहरा छाए रहने और कुछ दिनों में कोल्ड-डे की स्थिति बनने के संकेत दिए गए हैं।मौसम विभाग के मुताबिक 7 से 11 जनवरी तक अधिकतम तापमान लगभग 15 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 8 से 9 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।- डॉ. देबन कुमार चौधरी , मौसम विज्ञानी , क्षेत्रीय अनुसंधान संस्थान अगवानपुर।
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