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BRD News: एसएनसीयू में वेंटीलेटरयुक्त बेड फुल, निजी अस्पतालों का सहारा

deltin33 2026-1-8 07:56:33 views 1219
  

बीआरडी मेडिकल कॉलेज। जागरण



जागरण संवाददाता, गोरखपुर। ठंड के मौसम में नवजात शिशुओं में निमोनिया और सांस से जुड़ी बीमारियों के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। इसका सीधा असर बीआरडी मेडिकल कालेज की विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) पर पड़ा है। यहां वेंटीलेटरयुक्त सभी बेड फुल हो चुके हैं, जिससे गंभीर रूप से बीमार नवजातों को भर्ती कराने में दिक्कत आ रही है।  

निश्शुल्क उपचार के लिए बच्चों को लेकर पहुंच रहे तीमारदारों को मजबूरी में निजी अस्पताल जाना पड़ रहा है, जहां इलाज का खर्च प्रतिदिन चार से पांच हजार रुपये तक पहुंच रहा है। डाक्टरों ने बच्चों को ठंड से बचाकर रखने की सलाह दी है।  

बीआरडी मेडिकल कालेज के एसएनसीयू में कुल 65 बेड हैं, जिनमें से केवल 37 बेड पर वेंटीलेटर की सुविधा उपलब्ध है। ठंड बढ़ने के साथ ही निमोनिया, सांस फूलने की दिक्कतें बढ़ी हैं। इसके अलावा कम वजन, पीलिया व अन्य बीमारियों से ग्रसित नवजातों भी उपचार के लिए स्वजन लेकर पहुंच रहे हैं।  

ऐसे मामलों में वेंटीलेटर सपोर्ट की जरूरत पड़ती है, लेकिन सीमित संसाधनों के चलते सभी जरूरतमंद नवजातों को यह सुविधा नहीं मिल पा रही है। बीआरडी मेडिकल कालेज की एसएनसीयू प्रदेश की माडल यूनिट मानी जाती है। पहले नेहरू अस्पताल में 98 बेड का एसएनसीयू संचालित थी, जहां नवजात शिशुओं का इलाज होता था।

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व्यवस्था में बदलाव के बाद नेहरू अस्पताल के एसएनसीयू के 98 में से 65 बेड को 500 बेड बाल रोग चिकित्सा संस्थान में स्थानांतरित कर दिया गया है। नेहरू अस्पताल में 33 बेड छोड़ दिए गए हैं। उनका उपयोग मेडिकल कालेज अस्पताल में पैदा होने वाले नवजात शिशुओं के लिए किया जा रहा है।  

बाहर से लाए जा रहे या रेफर होकर आने वाले नवजातों का इलाज 500 बेड बाल रोग चिकित्सा संस्थान में ही हो रहा है। ऐसे में कुल एसएनसीयू बेड की संख्या में कमी आ गई है, जिसका असर सीधे मरीजों पर पड़ रहा है। निजी अस्पतालों में इलाज का खर्च आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए भारी पड़ रहा है।


किसी को वापस नहीं किया जा रहा है। सभी का उपचार हो रहा है। वेंटीलेटर खाली न होने पर अंबू बैग के माध्यम से सांस दी जाती है। जब वेंटीलेटर खाली होता है तो गंभीर रूप से बीमार बच्चों को उपलब्ध कराया जाता है।
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-डाॅ. बीएन शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक बीआरडी मेडिकल काॅलेज।
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