search

सीएम नीतीश कुमार ने बिहार कैलेंडर और डायरी का किया विमोचन, हर पन्ने पर राज्य के विकास और प्रगति की गाथा

Chikheang 2026-1-1 21:27:37 views 1043
  

सीएम नीतीश कुमार ने कैलेंडर का किया लोकार्पण। (जागरण)



राज्य ब्यूरो, पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को बिहार सरकार के जिस कैलेंडर का लोकार्पण किया है, उसके हरेक पन्ने पर राज्य के विकास की तस्वीर है।

जनवरी के पृष्ठ पर सात निश्चय-3, उद्योगों के लिए सरकार द्वारा उपलब्ध करायी जा रही सुविधाएं और मखाना का विशेष रूप से जिक्र है।

जनवरी के पृष्ठ पर सात निश्चय 3.0- प्रगति, विश्वास एवं जनकल्याण का निश्चय के तहत रोजगार और आय को बढ़ावा देने हेतु पहला निश्चय ‘दोगुना रोजगार-दोगुनी आय’, बिहार में औद्योगिक क्रांति हेतु दूसरा निश्चय ‘समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार’, किसानों की आय बढ़ाने के लिए तीसरे निश्चय ‘कृषि में प्रगति-प्रदेश की समृद्धि’, शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक एवं बेहतर बनाने हेतु चौथा निश्चय ‘उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य आदि की चर्चा है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

फरवरी के पृष्ठ पर औद्योगिक विकास को केंद्र में रख निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाए जाने का जिक्र है। इसमें पहली बार मुफ्त जमीन और वित्तीय प्रोत्साहन शामिल हैं। महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिये महिला रोजगार जैसी विशेष योजनाएं चलाई गईं।

मार्च के पृष्ठ पर शिक्षा और कौशल विकास के जरिए शिक्षा से सशक्त, स्किल से समृद्ध युवा बिहार बनाने की दिशा में शिक्षा और कौशल विकास को बिहार ने भविष्य निर्माण की आधारशिला बनाए जाने की बात कही गयी है।
रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता

अप्रैल के पृष्ठ पर यह कहा गया है कि रोजगार मतलब नीतीश सरकार के माध्यम से बिहार में रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य प्रशासनिक सेवाओं में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां कर युवाओं को सरकारी नौकरी एवं रोजगार उपलब्ध कराया है।

मई के पृष्ठ पर विज्ञान और प्रावैधिकी के तहत नवाचार और भविष्य निर्माण पर जोर दिया गया है। यह कहा जा रहा कि विज्ञान और प्रावैधिकी के क्षेत्र में बिहार में तकनीकी शिक्षा, नवाचार और डिजिटल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।  

जून के पृष्ठ पर सांस्कृतिक विरासत, बिहार की पहचान के तहत समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत वाला बिहार हिंदू, बौद्ध, जैन और सूफी परंपराओं की साझा धरोहर को सहेजते हुए संरक्षण और विकास दोनों को समान महत्व दिए जाने की बात कही जा रही है।

जुलाई के पृष्ठ पर यह कहा गया कि ग्रामीण विकास, सशक्त पंचायत, प्रगतिशील बिहार के तहत बिहार के गांव विकास की नई पहचान बन रहे हैं। पक्की सड़कें, हर घर नल का जल, बिजली और कृषि योजनाओं ने ग्रामीण जीवन को बेहतर बनाया है। इससे महिला सशक्तीकरण, युवाओं के रोजगार और किसानों की आय में बढ़ोतरी हुई है, जिससे राज्य आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है।

अगस्त माह के पृष्ठ पर आधारभूत संरचनाओं का विस्तार, समृद्धि का नया आधार के तहत सुशासन और दूरदर्शी नेतृत्व के अंतर्गत बिहार ने विकास की नई रफ्तार पकड़ी है।
महिला सशक्तीकरण को विकास

सितम्बर माह के पृष्ठ पर यह जिक्र है कि महिला सशक्तीकरण, आधी आबादी पूरा अधिकार के तहत बिहार में महिला सशक्तीकरण को विकास की आधारशिला बनाया गया है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में महिलाओं की भागीदारी नीति और व्यवहार दोनों स्तरों पर मजबूत हुई है। आरक्षण से हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है।

अक्टूबर माह के पृष्ठ पर यह कहा गया कि स्वस्थ बिहार का सपना साकार के तहत स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण ने बिहार को नई पहचान दी है।

नवम्बर माह के पृष्ठ पर खेल विभाग अन्तर्गत युवाओं के हौसलों की उड़ान के तहत बीते वर्षों में बिहार ने खेलों के क्षेत्र में लगातार प्रगति की है इसका खास तौर पर जिक्र है।

कैलेण्डर के अंतिम पृष्ठ (दिसम्बर माह) पर सुपर फूड मखाना, बिहार को दिला रहा वैश्विक पहचान का जिक्र है।
like (0)
ChikheangForum Veteran

Post a reply

loginto write comments
Chikheang

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
162445