search

यूजीसी की चेतावनी से सिक्किम में शिक्षा पर स ...

deltin55 2025-10-3 17:04:55 views 1039

सिक्किम की 5 यूनिवर्सिटियां यूजीसी के निशाने पर, पारदर्शिता पर उठे सवाल  


  • निजी विश्वविद्यालयों की अनदेखी पर बवाल, एसकेएम सरकार विपक्ष के निशाने पर
  • शिक्षा में जवाबदेही की कमी, यूजीसी की रिपोर्ट से सिक्किम की राजनीति गरमाई
  • यूजीसी की कार्रवाई से उठा विवाद, सिक्किम में निजीकरण पर विपक्ष का हमला
गंगटोक। यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) ने देशभर के 54 राज्य निजी विश्वविद्यालयों को जरूरी नियमों का पालन न करने पर चिन्हित किया है, जिसमें सिक्किम की पांच यूनिवर्सिटियां भी शामिल हैं। यह जानकारी यूजीसी द्वारा 24 सितंबर को जारी एक नोटिस में दी गई। चिन्हित की गई सिक्किम की यूनिवर्सिटियों में मेधावी स्किल्स यूनिवर्सिटी (पूर्वी सिक्किम), सिक्किम अल्पाइन यूनिवर्सिटी (दक्षिण सिक्किम), सिक्किम ग्लोबल टेक्निकल यूनिवर्सिटी (नामची), सिक्किम इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी (पश्चिम सिक्किम) और सिक्किम स्किल यूनिवर्सिटी (नामथांग) शामिल हैं।   




यूजीसी के अनुसार, इन संस्थानों ने यूजीसी अधिनियम 1956 की धारा 13 के तहत जरूरी सूचनाएं प्रस्तुत नहीं की हैं और न ही अपनी वेबसाइट पर 'पब्लिक सेल्फ-डिस्क्लोजर' से संबंधित जानकारी अपलोड की है। यूजीसी ने जून 2024 में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए थे कि हर निजी विश्वविद्यालय को अपनी वेबसाइट पर संचालन, वित्त, पाठ्यक्रम और वैधानिक जानकारी पारदर्शिता के साथ प्रदर्शित करनी होगी।  
यूजीसी ने कहा कि बार-बार याद दिलाने के बावजूद इन संस्थानों ने न जानकारी दी और न ही उसे सार्वजनिक किया। धारा 13 यूजीसी को यह अधिकार देती है कि वह किसी विश्वविद्यालय की अकादमिक गुणवत्ता, वित्तीय स्थिति और प्रशासनिक कार्यप्रणाली की जांच करे, लेकिन इन संस्थानों के मामले में यह प्रक्रिया अधूरी रह गई है।  




सिक्किम जैसे छोटे राज्य से पांच विश्वविद्यालय इस सूची में शामिल हैं, जबकि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में 30 से अधिक निजी विश्वविद्यालयों के बावजूद केवल चार को ही यूजीसी ने चिन्हित किया है। मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों से भी कम ही गैर-अनुपालन वाले मामले सामने आए हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सिक्किम में हाल के वर्षों में निजी विश्वविद्यालयों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, लेकिन राज्य स्तर पर निगरानी तंत्र कमजोर है।  




इस घटनाक्रम से राज्य की राजनीति में हलचल मच गई है। विपक्षी सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) ने सत्तारूढ़ सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (एसकेएम) पर 'तेजी से और बिना नियंत्रण के निजीकरण' का आरोप लगाया है। एसडीएफ के प्रवक्ता शैले राय ने कहा कि यूजीसी की रिपोर्ट उनकी पहले से जताई गई आशंकाओं को सही साबित करती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई विश्वविद्यालयों को संचालित करने वाले ट्रस्ट जल्दबाजी में बनाए गए और उनकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हैं।  




वहीं, सिटिजन एक्शन पार्टी (सीएपी) ने भी इस मामले को 'शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी' बताया। सीएपी के उपाध्यक्ष कौशल लोहागन ने कहा कि सिक्किम जैसे छोटे राज्य के लिए यह स्थिति बेहद शर्मनाक है। उन्होंने तत्काल सरकारी हस्तक्षेप की मांग की है।  
यूजीसी की लिस्ट में शामिल विश्वविद्यालयों ने इस मुद्दे को सामान्य प्रक्रिया बताते हुए कहा कि वे जल्द ही अनुपालन पूरा कर लेंगे।  
मेधावी स्किल्स यूनिवर्सिटी ने कहा कि उन्होंने मई में ही सभी जानकारी अपलोड कर दी थी और यूजीसी से इसकी पुष्टि भी मिल गई है। सिक्किम अल्पाइन यूनिवर्सिटी ने कहा कि वे लगातार यूजीसी के संपर्क में हैं। सिक्किम ग्लोबल टेक्निकल यूनिवर्सिटी और सिक्किम इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ने देरी का कारण तकनीकी अपग्रेड और सर्वर माइग्रेशन बताया है। सिक्किम स्किल यूनिवर्सिटी ने इसे 'नियमित अनुपालन प्रक्रिया' बताते हुए कहा कि सभी दस्तावेज तैयार हैं और जल्द ही जमा कर दिए जाएंगे।  

नमथांग स्थित सिक्किम स्किल यूनिवर्सिटी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि हम यूजीसी और अन्य वैधानिक निकायों के सभी नियमों का पालन करते हैं। विश्वविद्यालय की स्थापना 2022 में हुई थी और अब हम तीन वर्ष पूरे कर चुके हैं। हमने यूजीसी द्वारा मांगी गई सभी जानकारियां तैयार कर ली हैं। यह एक सामान्य प्रक्रिया है और इससे विश्वविद्यालय की मान्यता या विश्वसनीयता पर कोई असर नहीं पड़ता। कृपया किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें।






Deshbandhu



UGClaw and orderpoliticsstudent









Next Story
like (0)
deltin55administrator

Post a reply

loginto write comments

Explore interesting content

deltin55

He hasn't introduced himself yet.

410K

Threads

12

Posts

1310K

Credits

administrator

Credits
135010