जागरण संवाददाता, मेरठ। आप नमो भारत या मेट्रो में सफर कर रहे हैं तो यह जानकारी आपके लिए जरूरी है। यदि ट्रेन से लेकर स्टेशन तक कहीं शराब पीकर उत्पात मचाया। बीड़ी-सिगरेट पी और गुटखा-पान खाकर थूका, गंदगी फैलाई तो जुर्माना भरना पड़ेगा। ट्रेन से लेकर स्टेशन परिसर तक आप हर वक्त कैमरे की निगरानी में हैं। ऐसे कृत्य करते देख आपको स्टाफ रोक सकता है और जुर्माना वसूल सकता है। यदि जुर्माना न भरा तो पुलिस के हवाले कर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जा सकता है।
मेट्रो रेलवे ( परिचालन और अनुरक्षण ) अधिनियम 2002 के तहत अपराध और अर्थदंड निर्धारित किया गया है। एनसीआरटीसी के अधिकारियों का कहना है कि कुछ मामलों में जुर्माने के साथ सजा का प्रविधान भी है। अधिकारियों ने अपील की कि है कि ट्रेन और स्टेशन को साफ-सुथरा और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में सहयोग करें।
अपराध की श्रेणी जुर्माना व सजा
थूकने पर 200 रुपये
धूमपान पर 500 रुपये
गंदगी फैलाने पर 200 रुपये
शराब पीकर उत्पात मचाने पर 500 रुपये
खतरनाक सामग्री ले जाना या ले जाने का कारण बनना 5000 रुपये और चार साल का कारावास
आपत्तिजनक सामग्री ले जाना या ले जाने का कारण बनना 500 रुपये और किसी भी नुकसान के लिए जिम्मेदार होंगे।
स्टेशन परिसर में किसी भी प्रकार के प्रदर्शन पर 1000 रुपये और छह महीने का कारावास।
कोच या परिसर में पोस्टर चिपकाने, चित्र बनाने पर 1000 रुपये और छह महीने का कारावास।
ट्रेन की छत पर यात्रा करने पर 5000 रुपये
मेट्रो स्टेशन पर अवैध तरीके से प्रवेश करने पर 250 रुपये और तीन महीने का कारावास।
बिना वैध अनुमति के ट्रैक पर चलने पर 500 रुपये और छह माह तक का कारावास।
ट्रेन के परिचालन में बाधा डालने पर 5000 रुपये और चार साल का कारावास।
मेट्रो रेलवे अधिकारियों के कार्य में बाधा डालना 1000 रुपये और एक साल का कारावास।
अलार्म बेल का दुरुपयोग करने पर दस हजार रुपये।
दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से ट्रेन में तोड़फोड़ करना आजीवन या 10 वर्ष की कठोर कारावास।
टिकटों की अनाधिकृत बिक्री करते पाए जाने पर 500 रुपये जुर्माना या तीन महीने का कारावास।
नमो भारत-मेट्रो की संपत्ति को क्षति पहुंचाने पर दस साल का कारावास।
यात्री इन नियमों पर भी दें ध्यान
-यदि यात्री टिकट लेकर क्यू आर कोड स्कैन करके समान स्टेशन से प्रवेश और निकास करते हैं तो उसे यह काम 20 मिनट के भीतर पूरा करना होगा अन्यथा प्रति घंटे के हिसाब से 60 रुपये का जुर्माना लगेगा।
-यदि यात्री प्रवेश और निकास अलग-अलग स्टेशनों से करते हैं, तो उसे अपनी यात्रा 180 मिनट के भीतर पूरी करनी होगी अन्यथा 60 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से जुर्माना लगेगा।
अपराध की श्रेणी और अर्थदंड निर्धारित है
मेट्रो रेलवे ( परिचालन और अनुरक्षण ) अधिनियम 2002 के तहत अपराध की श्रेणी और अर्थदंड निर्धारित है। उल्लंघन करने पर कार्रवाई अमल में लायी जाएगी।-पुनीत वत्स, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी एनसीआरटीसी।  |