इंदौर में प्रदर्शन करते किसान।
डिजिटल डेस्क, इंदौर। पूर्वी रिंग रोड परियोजना और इंदौर–मनमाड़ रेल लाइन के विरोध में प्रभावित किसानों ने बुधवार को कलेक्टर कार्यालय के बाहर अनोखा और उग्र प्रदर्शन किया। किसानों ने अर्धनग्न होकर विरोध जताया। तेज गर्मी के बीच एक बुजुर्ग किसान को घबराहट हुई और वे वहीं जमीन पर लेट गए।
इस दौरान मदद के लिए पहुंचे सरकारी कर्मचारियों ने पानी की बोतल दी, लेकिन किसानों ने उसे लेने से साफ इनकार कर दिया। किसानों का कहना था—“हम अपना पानी पिएंगे, सरकार का पानी भी स्वीकार नहीं करेंगे।”
44 गांवों के किसान प्रभावित
किसानों के मुताबिक पूर्वी रिंग रोड और इंदौर–मनमाड़ रेल लाइन से करीब 44 गांवों की कृषि भूमि प्रभावित हो रही है। उनका आरोप है कि प्रस्तावित अलाइनमेंट के तहत अति उपजाऊ, सिंचित जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है, जहां साल में तीन से चार फसलें होती हैं। किसानों ने इसे बिना सहमति भूमि अधिग्रहण बताते हुए मौलिक अधिकारों का हनन करार दिया।
प्रदर्शनकारियों ने मुआवजे को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए और कहा कि वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार चार गुना मुआवजा दिया जाना चाहिए।
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किसानों की प्रमुख मांगें
- पूर्वी रिंग रोड परियोजना को निरस्त किया जाए, क्योंकि शहर के पूर्वी क्षेत्र में पहले से ही कई वैकल्पिक सड़कें मौजूद हैं।
- यदि विकास के लिए सड़क और रेल लाइन जरूरी हो, तो वर्तमान अलाइनमेंट से 5–6 किलोमीटर दूर इनका निर्माण किया जाए, ताकि उपजाऊ कृषि भूमि प्रभावित न हो।
- जिन किसानों की भूमि अधिग्रहित हो रही है, उन्हें वर्तमान बाजार भाव से कम से कम चार गुना मुआवजा एकमुश्त दिया जाए।
- पूर्वी रिंग रोड से प्रभावित सभी किसानों को एक समान और बढ़ी हुई दर पर मुआवजा सुनिश्चित किया जाए।
- कृषि भूमि की गाइडलाइन दरों को वर्तमान बाजार मूल्य के अनुरूप बढ़ाया जाए।
प्रदर्शन के दौरान कलेक्टरेट परिसर में तनाव का माहौल रहा। किसानों ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।  |