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पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे हादसे के बाद सख्त आदेश जारी, अब पंजाब-हरियाणा सहित गैर राज्यों की सभी बसों की होगी जांच

Chikheang 1 hour(s) ago views 501
  



जागरण संवाददाता, लखनऊ। अब पंजाब, हरियाणा सहित देश के सभी राज्यों की शत-प्रतिशत बसों की जांच होगी। यदि बस में यात्री अधिक मिले, सामान ओवरलोड हुआ तो कार्रवाई होना तय है। अतिरिक्त सीट मिलने व आपातकालीन द्वार सही न हाेने पर बसों का चालान करके छोड़ा नहीं जाएगा, उन्हें बंद कराया जाएगा।

परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने सभी जिलों को सख्त आदेश भेजा है कि वाहनों की जांच में ढिलाई मिली या जिस क्षेत्र में यात्री वाहन से दुर्घटना होगी वहां के अफसरों को दंडित करके विभागीय कार्रवाई भी कराएंगे।

लुधियाना से बिहार के दरभंगा जा रही डबल डेकर बस संख्या एचआर 55 एएफ 1323 सोमवार को अपरान्ह 3:40 बजे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 11.2 पर लहराकर पलट गई थी। हादसे में पांच लोगों की मौत और 40 से अधिक यात्री घायल हो गए थे, बस में 150 से अधिक यात्री सवार थे।

दैनिक जागरण ने ट्रांसपोर्ट नगर में गैर राज्यों की बसों में आपातकालीन द्वार सही न होने काे प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसका संज्ञान लेकर परिवहन आयुक्त ने सभी आरटीओ, एआरटीओ और यात्री मालकर अधिकारियों को पत्र भेजा है।

इसमें लिखा कि प्रथम दृष्टया पाया गया कि दुर्घटनाग्रस्त बस का बाडी कोड मानक के अनुरूप नहीं था। आपातकालीन द्वार के सामने सीट लगाई गई थी, जो स्पष्ट रूप से बस बाडी कोड का उल्लंघन है। यात्रियों की सुरक्षा व सड़क सुरक्षा के मानकों का कठोर अनुपालन करने की जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो सकें। सभी प्रवर्तन अधिकारी तत्काल प्रभाव से इसका अनुपालन कराएं।

इन बिंदुओं पर अब बढ़ेगी सख्ती

  • मानक विरुद्ध संरचना : जिन बसों में बस बाडी कोड के विरुद्ध बदलाव जैसे अतिरिक्त सीट या आपातकालीन द्वार का मानक सही न हो, उन्हें तत्काल बंद कराया जाए।
  • शत-प्रतिशत जांच : प्रदेश की सीमाओं से प्रवेश करने वाली मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, दिल्ली सहित सभी बसाें की सघन जांच हो।
  • वैधानिकता : केवल उन्हीं बसों को संचालित होने दिया जाए जिनके पास वैध परमिट, फिटनेस, बीमा, टैक्स व प्रदूषण आदि के प्रमाणपत्र हों।
  • ओवरलोडिंग : त्योहार के कारण यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ओवरलोडिंग पर शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाए यानी किसी को बख्शा न जाए।
  • संयुक्त चेकिंग : पुलिस विभाग से समन्वय करके एक्सप्रेसवे व दुर्घटना के संभावित क्षेत्रों और ब्लैक स्पाट स्थलों व मार्गों पर रात्रिकालीन चेकिंग कराई जाए।
  • उत्तरदायित्व तय : भविष्य में किसी मानक विरुद्ध डबल डेकर बस या यात्री वाहन के संचालन के समय घटना होती है या जांच करने में शिथिलता मिलती है तो संबंधित क्षेत्र के प्रवर्तन अधिकारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय करके दंडात्मक व विभागीय कार्रवाई करेंगे।
  
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