संवाद सूत्र, बाराबंकी। कार बाजार संचालक की कार लूटकर ले जाने की सूचना पर पुलिस रतजगा करती रही। बाद में मामला कुछ और ही निकला। तफ्तीश में पता चला कि जिस कार को लूटा जाना बताया जा रहा है वह लूट नहीं बल्कि कार के मूल स्वामी ही कार बाजार से लेकर भाग गए थे। वायरल वीडियो में लूट बताकर इसको और सनसनीखेज बना दिया गया।
दरअसल, लखनऊ पारा निवासी रितेश पाल ने यह कार खरीदी थी, जिस पर पांच लाख रुपये का लोन था। रितेश ने यह कार सफदरगंज सैदनपुर निवासी सईद को बेचा था। जिसकी डील में कार का पांच लाख रुपये का ऋण चुकता करना शामिल था।
प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि रितेश ने कुछ नगद लेकर कार दे दी थी। कार बाजार संचालक न तो ऋण की अदायगी कर रहा था न ही कार का स्थानानंतरण ही करा रहा था। उधर, किश्त जमा न होने से बैंक से नोटिस आ गई थी।
बात न बनने पर रितेश पाल का छोटा भाई दीपक पाल कुछ मित्रों के साथ एक दिन पहले रामनगर तिराहा पर स्थित कार बाजार गया, जहां से अपनी कार बहाने से लेकर भाग गया, जिसकी सईद ने लूट की सूचना दे दी।
रामनगर मोड़ पुलिस चौकी प्रभारी पप्पू यादव रात भर कार व आरोपितों की तलाश में हलकान रहे। भोर मामला सामने आया तो पुलिस ने रितेश पाल उसके भाई दीपक पाल और उसका एक साथी आयूष चौरसिया को गिरफ्तार किया। नगर कोतवाल ने बताया कि तीनों युवकों पर शांतिभंग के तहत कार्रवाई की गई है।
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