एयर एंबुलेंस हादसे में निधन से रांची के चिकित्सा जगत में शोक।
जागरण संवाददाता, रांची। डाॅ. विकास गुप्ता का नाम उन चुनिंदा चिकित्सकों में था, जिन्हें गंभीर मरीजों के साथ एयर एंबुलेंस में विशेष रूप से शामिल किया जाता था। वेल्लोर, दिल्ली या अन्य बड़े शहरों में रेफर किए जाने वाले मरीजों के साथ उनकी मौजूदगी भरोसे का प्रतीक मानी जाती थी।
वे मरीजों के हित को सर्वोपरि रखते थे और हर परिस्थिति में कर्तव्य निभाते थे। कोरोना काल में नामकुम स्वास्थ्य केंद्र से उनकी प्रतिनियुक्ति सदर अस्पताल में की गई थी। उस कठिन दौर में उन्होंने सी-कैप मशीन के माध्यम से अनेक मरीजों को राहत दी, जब कई चिकित्सक इसे उपयोग में लाने से हिचक रहे थे।
कोराेना काल में बने कोरोना वारियर्स
उन्होंने जोखिम उठाकर कोविड मरीजों के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, वे एक कोरोना वारियर्स के रूप में सामने आए। रांची सदर अस्पताल में पदस्थापित एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डाॅ. विकास कुमार गुप्ता का सोमवार शाम एयर एंबुलेंस दुर्घटना में दुखद निधन हो गया।
वे एक गंभीर मरीज को बेहतर इलाज के लिए एयर एंबुलेंस से रांची से दिल्ली ले जा रहे थे। विमान ने शाम 7:15 बजे उड़ान भरी थी और लगभग 7:35 बजे चतरा जिले के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे की खबर मिलते ही चिकित्सा जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
मालूम हो कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विमान में तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही होगी।
मृदुभाषी व्यक्तित्व ने सभी डाॅक्टरों का दिल जीता
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डाॅ. बिमलेश सिंह बताते हैं कि औरंगाबाद जिले के मनिका गांव के साधारण परिवार से आने वाले डाॅ. विकास ने कठिन परिश्रम से चिकित्सा क्षेत्र में सफलता पाई।
वे झासा रांची के जिला अध्यक्ष भी थे और चिकित्सकों की समस्याओं को मुखरता से उठाते थे। सहकर्मियों के अनुसार वे मृदुभाषी, कर्मठ और अत्यंत संवेदनशील चिकित्सक थे।
उन्होंने रिम्स में तीन माह का विशेष प्रशिक्षण भी प्राप्त किया था। सदर अस्पताल परिवार ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों को संबल देने की प्रार्थना की है।
चिकित्सा जगत के लिए अपूरणीय क्षति
झासा के प्रदेश सचिव डाॅ. मृत्युंजय बताते हैं कि मरीजों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाले डा. विकास का यूं असमय चले जाना चिकित्सा जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने बताया कि कोई भी ऐसा डाक्टर नहीं है जो उन्हें पसंद न करता हो।
उन्होंने बताया कि डाॅ. विकास में एक जो चीज उन्होंने देखी वो यह थी कि वे काम को लेकर हमेशा सजग रहते थे और किसी भी मरीज का इलाज दिल से करते थे। आइएमए के डाॅ. अभिषेक के. रामाधीन ने दुख व्यक्त करते हुए बताया कि चतरा के निकट हुए दुखद एयर एंबुलेंस हादसा हृदय विदारक है।
इस दुर्घटना में डाॅ. विकास के निधन को चिकित्सा जगत की बड़ी क्षति पहुंची है। वे सामाजिक, सहृदय और सदैव सहयोग के लिए तत्पर रहने वाला चिकित्सक थे। सबकी मदद के लिए वह आगे रहते थे, इसलिए उनका यूं असमय चले जाना सभी के लिए अत्यंत पीड़ादायक है।
पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा
एयर एंबुलेंस हादसे में जान गंवाने वाले एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डा. विकास कुमार गुप्ता के पार्थिव शरीर उनके पैतृक आवास औरंगाबाद ले जाया गया है, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया।वे रांची के डिप्टीपाड़ा में अपनी पत्नी और एक आठ वर्षीय बच्चे के साथ रहते थे। उनकी पत्नी एसबीआइ बैंक में कार्यरत है।
आज सदर अस्पताल में शोक सभा
सदर अस्पताल परिसर में बुधवार को शोकसभा आयोजित की जाएगी। इसमें सदर अस्पताल के डाक्टरों सहित झासा और स्वास्थ्यकर्मी शामिल होंगे जो श्रद्धांजलि देंगे।  |
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