search

पटना-लखीसराय को मिलेगा नया रेल संपर्क, सम्राट चौधरी ने पीएम का जताया आभार

cy520520 2 hour(s) ago views 751
  

बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी। फाइल फोटो



राज्य ब्यूरो, पटना। उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पुनारख और किउल के बीच तीसरी एवं चौथी रेल लाइन निर्माण परियोजना को मंजूरी मिलने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया है।  

यह परियोजना 2,668 करोड़ रुपये के निवेश से पूरी की जाएगी। इसे तीन वर्षों में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे पटना लखीसराय को नया रेल संपर्क मिलेगा।  

इसे बिहार के लिए ऐतिहासिक कदम बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी, ट्रेनों की समयपालन क्षमता बढ़ेगी और व्यापार, शिक्षा तथा रोजगार के अवसरों का विस्तार होगा।  

चौधरी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का भी विशेष आभार व्यक्त किया और कहा कि बिहार में रेलवे के बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार हो रहा है।

उन्होंने कहा कि बिहार में रेलवे विकास के लिए 10 हजार करोड़ से अधिक का बजट आवंटन हुआ है। राज्य में 14 वंदे भारत और 21 अमृत भारत ट्रेनों का संचालन हो रहा है तथा हाल ही में वाराणसी–सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कारिडोर को भी स्वीकृति मिली है।
कोलकाता–प्रयागराज मुख्य कारिडोर को मिलेगी रफ्तार

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बिहार के महत्वपूर्ण रेल खंड पुनारख-किऊल पर तीसरी और चौथी लाइन के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 2,668 करोड़ रुपये है और यह लगभग 49.57 किलोमीटर लंबी होगी, जो पटना और लखीसराय जिलों से होकर गुजरेगी।  

यह खंड कोलकाता से प्रयागराज तक जाने वाले मुख्य रेल कारिडोर का हिस्सा है, जो पूर्वी भारत की अर्थव्यवस्था के लिए लाइफ लाइन मानी जाती है। वर्तमान में यहां केवल दो लाइन हैं, जिससे ट्रेनों की क्रासिंग, सिग्नल और भीड़ के कारण काफी देरी होती है। नई तीसरी-चौथी लाइन से इस सेक्शन की क्षमता में भारी वृद्धि होगी।  

पुनारख-किऊल खंड पर विशेष रूप से माल ढुलाई (फ्रेट) में बड़ी राहत मिलेगी। इस क्षेत्र में एनटीपीसी बाढ़, एनटीपीसी बरौनी, कई सीमेंट प्लांट, पावर प्लांट जैसी बड़ी इकाइयां हैं। साथ ही फतुहा, मोकामा, बख्तियारपुर, बरहिया, लखीसराय में आटोमोबाइल, मार्बल, स्टोन क्रशिंग, फूड प्रोसेसिंग, पेट्रोलियम और टेक्सटाइल जैसे उद्योग सक्रिय हैं।

अतिरिक्त लाइनों से मालगाड़ियों की संख्या बढ़ेगी, लाजिस्टिक्स लागत कम होगी और सालाना लाखों टन अतिरिक्त कोयला, सीमेंट, स्टील, फर्टिलाइजर, अनाज आदि की ढुलाई आसान हो जाएगी। यात्रियों के लिए भी फायदे होंगे। पैसेंजर ट्रेनों की संख्या और स्पीड बढ़ेगी, पटना-किऊल-झाझा सेक्शन पर भीड़ कम होगी और यात्रा समय में कमी आएगी।  

यह भी पढ़ें- लैंड फॉर जॉब केस में आज अहम दिन: राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई, लालू-राबड़ी दिल्ली में

यह भी पढ़ें- 20 वर्ष पहले चबूतरे पर खेल रही 10वर्षीय बच्ची के साथ क‍िया था दुष्‍कर्म, भागलपुर अदालत ने र‍िजवान को दी कठोर सजा


  
like (0)
cy520520Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
cy520520

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
163113