डॉ. विकास गुप्ता के घर के बाहर जुटे ग्रामीण। जागरण
संवाद सूत्र, मदनपुर (औरंगाबाद)। झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के घने जंगल में सोमवार की रात एक एयर एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
हादसे में एयर एंबुलेंस पर सवार सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में औरंगाबाद जिले के मदनपुर थाना क्षेत्र के मनिका गांव निवासी, राजेंद्र इंस्टीच्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS), रांची में कार्यरत 42 वर्षीय चिकित्सक डॉ. विकास कुमार गुप्ता भी शामिल हैं।
डॉ. विकास मरीज संजय कुमार को बेहतर इलाज के लिए रांची से दिल्ली ले जा रहे थे। इसी दौरान मौसम अचानक खराब हो गया, जिससे एयर एंबुलेंस जंगल के बीच दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
एयर एंबुलेंस में सवार सभी सात लोगों की मौत
हादसे में जान गंवाने वालों में
मरीज संजय कुमार
उनके स्वजन अर्चना देवी और धीरु कुमार
नर्स सचिन कुमार मिश्रा
पायलट (कप्तान) विवेक कुमार भगत
सहायक स्वराज सिंह
तथा चिकित्सक डॉ. विकास कुमार गुप्ता शामिल हैं।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
डॉ. विकास की पत्नी मीनाक्षी देवी रांची में भारतीय स्टेट बैंक में प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। उनका मात्र आठ वर्ष का एक पुत्र मुहुल कुमार है, जो रांची में पढ़ाई करता है।
डॉ. विकास दो भाइयों में बड़े थे। उनके छोटे भाई सुभाष गुप्ता बोकारो प्रखंड में कार्यरत हैं। ग्रामीणों के अनुसार, डॉ. विकास पिछले करीब आठ वर्षों से रिम्स, रांची में सेवाएं दे रहे थे और अपने गांव से गहरा जुड़ाव रखते थे।
शव पहुंचते ही मचा कोहराम
मंगलवार को चतरा सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद जब एंबुलेंस से डॉ. विकास का शव मनिका गांव पहुंचा, तो पूरे गांव में कोहराम मच गया।
होनहार बेटे के अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। मां आरती देवी और पत्नी मीनाक्षी देवी के करूण क्रंदन ने हर आंख नम कर दी।
मुखिया प्रतिनिधि शंकर राम, पूर्व मुखिया अनिल सिंह, सुभाष पांडेय, जदयू नेता धर्मेंद्र कुमार, दंत चिकित्सक संत प्रसाद सहित कई जनप्रतिनिधियों और सामाजिक लोगों ने घटना पर गहरा शोक जताया।
ग्रामीणों ने बताया कि डॉ. विकास हर परिस्थिति में गांव के लोगों के साथ खड़े रहते थे और उन पर पूरे क्षेत्र को गर्व था।इस दर्दनाक हादसे के बाद मनिका गांव ही नहीं, आसपास के बाजारों में भी सन्नाटा पसरा रहा।  |